निमाड़ी कलाकार

चाइनीज मांझा : मानव जीवन को संकट -Gitesh Kumar Bhargava

चाइनीज मांझा: मानव जीवन को संकट-Gitesh Kumar Bhargava

चाइनीज मांझा: मानव जीवन को संकट
❌ प्रतिबंधित चाइनीज मांझा | ⚠️ जानलेवा खतरा

पतंग उड़ाना भारतीय संस्कृति में एक प्राचीन और लोकप्रिय परंपरा रही है। विशेषकर मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर पतंगबाजी को आनंद, उल्लास और भाईचारे के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। बच्चे, युवा और बुज़ुर्ग सभी इस पारंपरिक खेल में उत्साह से भाग लेते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश, हाल के वर्षों में यही खुशियों का त्योहार चाइनीज मांझे के कारण कई बार दुख और शोक का कारण बनता जा रहा है।

चाइनीज मांझा एक अत्यंत खतरनाक सिंथेटिक धागा होता है, जिसमें कांच या धातु के महीन कण मिले होते हैं। इसे इसलिए उपयोग किया जाता है ताकि पतंगों की लड़ाई में दूसरे की डोर को आसानी से काटा जा सके। परंतु यही मांझा अब मानव जीवन, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

लगभग हर वर्ष समाचारों में ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं, जहाँ दोपहिया वाहन चालकों की गर्दन कट जाती है, बच्चे और राहगीर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, और कई बार निर्दोष लोगों की जान तक चली जाती है। पक्षी इस मांझे में फँसकर घायल हो जाते हैं या दम तोड़ देते हैं। बिजली की लाइनों में उलझने से आग लगने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने की घटनाएँ भी बढ़ रही हैं।

विडंबना यह है कि जो त्योहार खुशी, मेल-जोल और परंपरा का प्रतीक माना जाता है, वही त्योहार चाइनीज मांझे के कारण कई परिवारों के लिए अपरिवर्तनीय दुःख लेकर आता है। पतंग उड़ाना एक पारंपरिक खेल है, लेकिन उसकी आड़ में इस प्रकार के खतरनाक और प्रतिबंधित मांझे का उपयोग परंपरा के मूल भाव के विरुद्ध है।

सरकार द्वारा कई राज्यों में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाया गया है, फिर भी इसका अवैध व्यापार चोरी-छिपे जारी है। यह स्थिति दर्शाती है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता, नैतिक जिम्मेदारी और नागरिक सहयोग भी उतने ही आवश्यक हैं।

अंततः हमें यह समझना होगा कि कोई भी त्योहार या खेल मानव जीवन से बड़ा नहीं होता। यदि हमारी थोड़ी-सी लापरवाही किसी की जान ले ले, तो वह आनंद नहीं, अपराध बन जाता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित सूती मांझे का ही उपयोग करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

– चाइनीज मांझा: मानव जीवन को संकट –

चाइनीज मांझा: मध्यप्रदेश सरकार का कानून और MP हाईकोर्ट के आदेश

चाइनीज मांझा मानव जीवन, पशु-पक्षियों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हुआ है। इसी गंभीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है।

चाइनीज मांझा: मानव जीवन को संकट
“चाइनीज मांझा: मानव जीवन को संकट”

🔴 मध्यप्रदेश सरकार का कानून

मध्यप्रदेश सरकार ने चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यह मांझा सिंथेटिक पदार्थों और कांच/धातु के कणों से बना होता है, जो पर्यावरण और जनजीवन के लिए खतरनाक है।
इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को त्योहारों के दौरान विशेष निगरानी रखने और अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

⚖️ MP हाईकोर्ट का आदेश

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी चाइनीज मांझे को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चाइनीज मांझा जीवन के अधिकार (Right to Life) का उल्लंघन करता है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नगर निगम, पुलिस और प्रशासन को आदेश दिए हैं कि:

 

चाइनीज मांझा बेचने वालों पर खजराना पुलिस इंदौर की सख्त कार्रवाई

 

इंदौर शहर में चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए थाना खजराना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मानव जीवन को संकट में डालने वाले चाइनीज मांझे के विरुद्ध शासन द्वारा जारी निर्देशों और कानून के पालन के तहत की गई।

पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह, पुलिस उपायुक्त झोन-02 कुमार प्रतीक, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त झोन-02 अमरेंद्र सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त खजराना कुंदन मंडलोई के निर्देश पर थाना खजराना प्रभारी मनोज सिंह सेंधव द्वारा विशेष टीम गठित की गई।

मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने चाइनीज मांझा बेचने के आरोप में मोहन कुशवाह निवासी धीरज नगर खजराना एवं गोविंद गुप्ता निवासी काछी मोहल्ला गांधी रोड इंदौर को अभिरक्षा में लेकर उनके कब्जे से मोनो कंपनी के तीन प्रतिबंधित चाइनीज मांझे जप्त किए। इस पर थाना खजराना में अपराध क्रमांक 1018/25   BNS –धारा 125, 223(b), 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

आरोपी गोविंद गुप्ता के मेमोरेंडम के आधार पर आगे की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रुद्र गुप्ता निवासी ओमेक्स सिटी बायपास देवास से गोल्ड कंपनी के 48 चाइनीज मांझे तथा राजा करण वर्मा निवासी रानीपुरा से मोनो कंपनी के 48 चाइनीज मांझे विधिवत जप्त किए। साथ ही एमजी रोड पर स्थित आरोपी की दुकान को कानूनी प्रक्रिया के तहत सील किया गया।

इस कार्रवाई में निरीक्षक मनोज सिंह सेंधव, उपनिरीक्षक अनिल गौतम, सउनि मोहनलाल खपेड़, प्र.आर. अजित यादव, नरेश चौहान, गजानंद बरफा, आरक्षक शुभम सिंह, जबर सिंह एवं प्रदीप सूर्यवंशी की सराहनीय भूमिका रही।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझे का निर्माण, बिक्री एवं उपयोग कानूनन अपराध है और इसके विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

🟢 निष्कर्ष

Gitesh Kumar Bhargava –

मध्यप्रदेश सरकार और MP हाईकोर्ट दोनों का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी परंपरा या त्योहार मानव जीवन से ऊपर नहीं है। चाइनीज मांझे का उपयोग कानूनन अपराध है और सामाजिक रूप से भी निंदनीय है। सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल मांझे का उपयोग ही एकमात्र सही विकल्प है। चाइनीज मांझा केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है। इसे पूरी तरह त्यागकर ही हम अपने त्योहारों को वास्तव में सुरक्षित, आनंदमय और मानवीय बना सकते हैं।

Scroll to Top