निमाड़ी कलाकार

चैत महिनो सुहाणो

चैत महिनो सुहाणो – गणगौर गीत

चैत महिनो सुहाणो – गणगौर गीत 

लेखक: उद्धव भाई
गायक: गीतेश कुमार भार्गव

🌼 Intro 

चैत महिनो सुहाणो” राजस्थान और निमाड़ क्षेत्र का एक अत्यंत लोकप्रिय गणगौर गीत है, जिसे गणगौर पर्व के दौरान महिलाएँ बड़े उत्साह से गाती हैं। यह गीत धणीयर जी और रनूबाई की पारंपरिक कथा पर आधारित है, जो प्रेम, सौभाग्य, शुभ विवाह और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। नीचे दिए गए हैं इस पावन गणगौर गीत के पूरे बोल (lyrics), जो आप अपनी पूजा, त्योहार या ब्लॉग के लिए उपयोग कर सकते हैं।


🎵  चैत महिनो सुहाणो गीत के बोल (Lyrics in Hindi)

चैत महिनो सुहाणो – गणगौर गीत

चैत महिनो सुहाण साहेब जी,
रनू बाई को लेण आया आनो
धनीयरजी, रनूबाई को लेन आया आणो


1) धवळो घोड़ी लय न धणीयर जी आया

माया प पागड़ी बांधी न आया
बड़ी प्यारी लग रे आणी बाणो
धणीयर जी — रनू बाई को लेण आया


2) धनीयरजी आया बणी न पावणा

स्वागत में कंकू चन्दन का वधावणा
बड़ी ऊंची तमरो घराणी
धणीयर जी — रनू बाई को लेण आया


3) झाढ़ जो दिनू माई पीयर म पावणी

देवां झालरियो, गांवां हम लावणी
गिल उधव छे नव दिन जानु
धणीयर जी — रनू बाई को लेण आया

🎼  चैत महिनो सुहाणो गणगौर गीत का महत्व

यह गीत स्त्री सौभाग्य, विवाह प्रेम, सास-बहू के संबंध और घर-परिवार की मंगलकामनाओं का प्रतीक है। इसे चैत महीने में गणगौर पूजा के दौरान गाया जाता है।

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