गुरु नाम को दीवानों – निमाड़ी गुरु भजन -उद्धव भाई यादव
“गुरु नाम को दीवानों” निमाड़ का एक लोकप्रिय गुरु भजन है, जो आध्यात्मिक भक्ति और सतगुरु के महत्व को दर्शाता है।
उद्धव भाई यादव द्वारा प्रस्तुत यह भजन गुरु भक्ति, साधना और सुमिरन के माध्यम से जीवन को अनुशासित और सार्थक बनाने का संदेश देता है।
यह भजन निमाड़ी लोकसंगीत की परंपरा में गाया जाता है और आज भी भक्तों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।
नीचे आप इस भजन के पूरे lyrics को साफ़ पढ़ सकते हैं।
Song Details

गुरु नाम को दीवानों – निमाड़ी गुरु भजन -उद्धव भाई यादव
Song Title: गुरु नाम को दीवानों
Singer: GITESH KUMAR BHARGAVA
Language: निमाड़ी
Genre: गुरु भजन / भक्ति गीत
Category: Nimaadi Lok Bhajan / Spiritual Song
Theme: सतगुरु, भक्ति, साधना, सुमिरन
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Lyrics
चरणा म जिनका हो
चरणा म जिनका
ज्ञान को अनमोल खजानो
गुरु नाम को तु हुई जा दीवानो, दीवानो…
(1) पहला अंतरा
गुरु का भगत हुया देव सीगांजी
गुरु का वचन पर लय ली समाधी कर सुमिरन बड़ी साधना साथी भक्ति म जे क आज भी पूज यो जमानो
गुरु नाम को तू हुई जा दीवानों, दीवानो…
(2) दूसरा अंतरा
पूर्णानंद जप कोई सुबह शाम
कोई दिवानी बाबा बोंदरू का नाम
कोई दिवानी बाबा सियाराम को
धुनी वाला दादा खण्डवा धाम को
चाल ना सी गुरु नाम का जरा मन छानो
गुरु नाम को तू हुई जा दिवानी, दिवानो…
(3) तीसरा अंतरा
जो सतगुरु की बठी जाय नांव आवागमन की चकर मिटाव कर सुमिरन नित गुरु गूँन गाव
गुरु किरपा सी गोविन्द पांव कलम लिख उधव गित गाव तरानो गुरु नाम को तू हुई जा दिवानी, दिवानो…
ENGLISH LYRICS
Charna me jinka ho
Charna me jinka ho
Gyaan ko anmol khajano
Guru naam ko tu hui ja deewano, deewano…
(1) Pehla Antra
Guru ka bhagat huya Dev Seengaji
Guru ka vachan par layi li samaadhi
Kar sumiran badi sadhna saathi
Bhakti me je ka aaj bhi poojyo zamano
Guru naam ko tu hui ja deewano, deewano…
(2) Doosra Antra
Poornanand jap koi subah shaam
Koi deewani Baba Bondru ka naam
Koi deewani Baba Siyaram ko
Dhuni wala Dada Khandwa dhaam ko
Chaal na si guru naam ka jara mann chaano
Guru naam ko tu hui ja deewani, deewano…
(3) Teesra Antra
Jo satguru ki bathi jaay naav
Aavagan ki chakar mitaav
Kar sumiran nit guru gun gaav
Guru kirpa si Govind paav
Kalam likh Udhav geet gaav tarano
Guru naam ko tu hui ja deewani, deewano…
🌼 गीत का मूल भाव (केंद्रीय संदेश)
यह गीत गुरु-भक्ति, नाम-स्मरण और आत्मिक जागरण का संदेश देता है। कवि कहता है कि जिसका मन गुरु के चरणों में लग जाता है, उसे ज्ञान का अनमोल खजाना प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति को संसारिक मोह छोड़कर गुरु-नाम का दीवाना बन जाना चाहिए, क्योंकि यही मोक्ष और शांति का मार्ग है।
🔱 मुखड़ा (Refrain) का भावार्थ
“चरणा म जिनका हो…
ज्ञान को अनमोल खजानो”
अर्थात —
जिनका मन, विचार और जीवन गुरु के चरणों में समर्पित हो जाता है, उनके लिए ज्ञान कोई साधारण वस्तु नहीं, बल्कि अनमोल खजाने के समान बन जाता है। कवि प्रेरणा देता है कि हमें भी गुरु-नाम में पूरी तरह डूब जाना चाहिए, उसी में जीवन की सच्ची सार्थकता है।
✨ पहला अंतरा — गुरु-वचन की महिमा
“गुरु का भगत हुया देव सीगांजी…”
इस अंतरे में देव सीगांजी जैसे महान गुरु-भक्त का उदाहरण दिया गया है। उन्होंने
गुरु के वचनों को जीवन का आधार बनाया
उसी पर ध्यान और समाधि को प्राप्त किया
निरंतर सुमिरन और कठोर साधना की
उनकी भक्ति इतनी महान थी कि आज भी संसार उनकी पूजा करता है। इससे कवि यह बताता है कि
👉 जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु-भक्ति करता है, वह युगों तक स्मरणीय बन जाता है।
✨ दूसरा अंतरा — नाम-स्मरण की विविध धाराएँ
इस अंतरे में बताया गया है कि
कोई पूर्णानंद का नाम जपता है
कोई बाबा बोंदरू, बाबा सियाराम, या धुनी वाले दादा (खंडवा धाम) का स्मरण करता है
भले ही गुरु या स्वरूप अलग-अलग हों, लेकिन सभी का उद्देश्य एक ही है — गुरु-नाम का जप।
कवि कहता है कि
👉 बिना किसी चालाकी या दिखावे के, सच्चे मन से गुरु-नाम को पहचानो और अपनाओ।
✨ तीसरा अंतरा — मोक्ष और गुरु-कृपा
“जो सतगुरु की बठी जाय नांव…”
इस अंतरे में गहरा आध्यात्मिक संदेश है —
जो व्यक्ति सतगुरु की नाव में बैठ जाता है,
उसका आवागमन (जन्म-मरण का चक्र) समाप्त हो जाता है
वह नित्य गुरु-गुणों का गान करता है
और गुरु-कृपा से उसे गोविंद (ईश्वर) की प्राप्ति होती है
अंत में कवि कहता है कि वह स्वयं भी कलम उठाकर
👉 गुरु-भक्ति के गीत गा रहा है और दूसरों को भी इसी मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहा है।
🌺 संपूर्ण निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत हमें सिखाता है कि —
गुरु ही जीवन का सच्चा मार्गदर्शक है
गुरु-नाम का स्मरण ही सबसे बड़ी साधना है
सच्ची भक्ति से ज्ञान, शांति और मोक्ष मिलता है
संसारिक आडंबर छोड़कर गुरु-नाम का दीवाना बन जाना चाहिए
यह गीत केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है।


