निमाड़ी कलाकार

रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती

रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती – 4 पावन चरण | माँ नर्मदा की आरती

रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती – 4 पावन चरण | माँ नर्मदा की आरती


रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती – 4 पावन चरण

“रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती”
यह भावपूर्ण निमाड़ी आरती राजेश रेवलिया द्वारा रचित है।
इसे अपनी मधुर आवाज़ में प्रस्तुत किया है गायक गितेश कुमार भार्गव ने।
इस पावन भजन का प्रकाशन निमाड़ी कलाकार द्वारा किया गया है।
माँ रेवा की महिमा और भक्ति भाव से ओतप्रोत यह आरती श्रोताओं के हृदय को श्रद्धा से भर देती है।

रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती , गुण गाये नर-नार सारे भारती
रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती
मगर सवारी चार भूजा वाली, अमर कंठ की देवी दयाली ,
तेरी अनुपम छबी सब निहारती
रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती
कंचन थाल कपुर की बाती , जगमग ज्यात जले दिन राती ,
भव सागर से पार उतारती
रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती
धन दौलत हम कुछ नहीं मांगे , भक्ति मुक्ति को वरदान ही मांगे ,
सबके दुःख दर्द निवारती
रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती
जो कोई तुम्हरी आरती गावै , माँ मुरली को हृदय लगावै ,
अपने भक्तो की किस्मत सवारती
रेवा मैया भक्त उतारे तेरी आरती

Reva Maiya bhakt utaare teri aarti

 

Reva Maiya bhakt utaare teri aarti,
gun gaaye nar-naar saare bhaarati
Reva Maiya bhakt utaare teri aarti
Magar sawaari chaar bhuja wali,
Amar Kanth ki devi dayaali,
teri anupam chhabi sab nihaarti
Reva Maiya bhakt utaare teri aarti
Kanchan thaal kapoor ki baati,
jagmag jyot jale din raati,
bhav saagar se paar utaarti
Reva Maiya bhakt utaare teri aarti
Dhan daulat hum kuch nahin maange,
bhakti mukti ko vardaan hi maange,
sabke dukh dard nivaarti
Reva Maiya bhakt utaare teri aarti
Jo koi tumhari aarti gaave,
maa Murli ko hriday lagaave,
apne bhakton ki kismat sawaarti
Reva Maiya bhakt utaare teri aarti

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