
केसरिया की भरी पिचकारी – निमाड़ी लावणी | Uddhav Bhai Yadav | Kesariya Pichkari Nimadi Lavani Lyrics
निमाड़ी लावणी ‘केसरिया की भारी पिचकारी’ के संपूर्ण और सही फॉर्मेट में लिखे बोल। उद्धव भाई यादव द्वारा गाया पारंपरिक होली गीत। प्रेम, रंग और सांवरिया-राधा की सुंदर लावणी।
केसरिया की भरी पिचकारी — निमाड़ी लावणी
Song Title: Kesariya se bhari pichpakari
Category: Nimadi Folk Devotional Song /holi geet
Language: Nimadi
Singer: Gitesh kumar bhargava
Lyricist: Udhav yadav
Theme: Holi folk
Region: Nimar (Madhya Pradesh, India)
मुखड़ा
केसरिया की भरी पिचकारी,
केसरिया सी भरी पिचकारी,
खेळन चल्या होळय।
चल्या कान्हा ग्वाल न का साथ, बणय न न टोळय,
केसरिया सी भरी पिचकारी,
खेळन चल्या होळय…
अंतरा 1
दय हाथ रंग पिचकारी होऽ श्याम न राधा,
श्याम न राधा—म्हारा प्यारा सांवरिया,
राधा बिना लाग आधा।
म्हारा प्यारा -सांवरिया छे भोळ्या,
न राधा घे भोळय,
केसरिया की भरी पिचकारी…
अंतरा 2
सावरिया मार पिचकारी,
राधा जी का तन ,राधा जी का तन प।
निश्छल हो प्रेम, नही द्वेष जरा भी मन म,
गीत उधव प्रेम का रंग म
मन तो गयो रोळय
केसरिया की भरी पिचकारी…
अंतरा 3
राधा की केसरिया रंग मं ,
भी गई गई चोळय,
रंगय गई चोळय,
केसरिया की भरी पिचकारी…
🎵 Kesariya Ki Bhaari Pichkaari – Nimadi Lavani
Singer: Uddhav Bhai Yadav
🎶 Mukhda (Chorus)
Kesariya ki bhari pichkaari,
Kesariya si bhari pichkaari,
Khelan chalya Holay।
Chalya Kanha gwaalan ka saath,
Banay n n tolay,
Kesariya si bhari pichkaari,
Khelan chalya Holay…
🎵 Antara 1
Daya haath rang pichkaari ho,
Shyam n Radha,
Shyam n Radha — mhara pyaara Sanwariya,
Radha bina laag aadha।
Mhara pyaara Sanwariya chhe bhola,
N Radha ghe bholaay,
Kesariya ki bhari pichkaari…
🎵 Antara 2
Sanwariya maar pichkaari,
Radha ji ka tan, Radha ji ka tan par।
Nishchal ho prem,
Nahi dvesh zara bhi man mein।
Geet Uddhav prem ka rang mein,
Man to gayo rolai,
Kesariya ki bhari pichkaari…
🎵 Antara 3
Radha ki kesariya rang mein,
Bhee gai gai cholai,
Rangai gai cholai,
Kesariya ki bhari pichkaari…
SONG DETAILS
Singer – Gitesh kumar bhargava
Song: केसरिया की भारी पिचकारी
Genre: निमाड़ी लावणी / होली गीत
Lyrics: उद्धव भाई यादव
Region: निमाड़ (मध्यप्रदेश)
🌸 गीत का विस्तृत भावार्थ (Detailed Explanation)
यह गीत निमाड़ी लोकसंस्कृति में रची-बसी होली लावणी है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण (कान्हा) और राधा के पवित्र प्रेम, रंगों की मस्ती और निष्कलुष भावनाओं को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
यह केवल रंग खेलने का गीत नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और आत्मिक आनंद का प्रतीक है।
🎶 मुखड़ा का भावार्थ
“केसरिया की भरी पिचकारी, खेलन चल्या होळय”
मुखड़े में होली के उल्लास का चित्रण है।
केसरिया रंग यहाँ केवल रंग नहीं, बल्कि:
त्याग
भक्ति
आध्यात्मिक प्रेम
का प्रतीक है।
कान्हा अपने ग्वाल मित्रों के साथ टोली बनाकर होली खेलने निकलते हैं। यह दृश्य ब्रज की गलियों में उमंग, हास्य और रंगीन आनंद को जीवंत कर देता है।
🎵 अंतरा 1 का भावार्थ
इस अंतरे में श्याम (कृष्ण) और राधा के अटूट प्रेम को दर्शाया गया है।
कान्हा जब पिचकारी चलाते हैं, तो उसमें राधा का ही रंग दिखाई देता है।
कवि कहता है कि राधा के बिना श्याम अधूरे हैं।
श्याम भोले हैं, और राधा उनकी भोलेपन की पूर्णता हैं।
👉 यहाँ प्रेम को आत्मा (कृष्ण) और शक्ति (राधा) के मिलन के रूप में दिखाया गया है।
🎵 अंतरा 2 का भावार्थ
इस भाग में होली के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश को सामने लाया गया है।
कान्हा जब राधा पर रंग डालते हैं, तो उसमें द्वेष, ईर्ष्या या अहंकार नहीं होता।
प्रेम पूरी तरह निश्छल और पवित्र है।
गीतकार (उद्धव) कहते हैं कि यह प्रेम ऐसा है जिसमें मन स्वयं रंग में बह जाता है, उसे रोका नहीं जा सकता।
👉 यहाँ होली को प्रेम की साधना के रूप में दिखाया गया है।
🎵 अंतरा 3 का भावार्थ
अंतिम अंतरे में प्रेम की पूर्णता दिखाई देती है।
राधा स्वयं केसरिया रंग में रंग जाती हैं।
उनका वस्त्र (चोली) प्रेम और भक्ति के रंग से सराबोर हो जाता है।
यह रंग बाहरी नहीं, बल्कि अंतरात्मा का रंग है।
👉 यह दर्शाता है कि जब प्रेम सच्चा हो, तो वह जीवन को पूरी तरह बदल देता है।
🌼 गीत का सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व
यह गीत होली को केवल त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम और समरसता का उत्सव बनाता है।
निमाड़ी लोकगीतों की सरल भाषा में गहन आध्यात्मिक भाव छिपा है।
केसरिया रंग भारतीय संस्कृति में संन्यास, श्रद्धा और दिव्यता का प्रतीक है।
✨ निष्कर्ष
“केसरिया की भारी पिचकारी” एक ऐसा लोकगीत है जो:
होली की मस्ती
कृष्ण-राधा के दिव्य प्रेम
और आत्मिक आनंद
तीनों को एक साथ जोड़ देता है।
यह गीत सुनने वाले के मन को भी उसी केसरिया प्रेम के रंग में रंग देता है।
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