🧑🎓 ओम बिरला — जीवन परिचय (Biography)

नाम: श्री ओम बिरला
जन्म: 23 नवंबर 1962, कोटा (राजस्थान), भारत में एक मारवाड़ी हिंदू परिवार में जन्मा था।
पारिवारिक जीवन: उनके माता-पिता श्री श्रीकृष्ण बिरला और श्रीमती शकुन्तला देवी हैं। वह डॉ. अमिता बिरला से विवाहित हैं और उनके दो बेटियाँ हैं।
राजनीतिक पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (BJP).
🎓 शिक्षा
ओम बिरला ने अपनी शिक्षा कॉमर्स में मास्टर्स डिग्री (M.Com.) के रूप में पूरी की।
📌 उन्होंने Government Commerce College, Kota और
📌 Maharshi Dayanand Saraswati University, Ajmer से मास्टर्स (कॉमर्स) की डिग्री प्राप्त की है।
राजनीतिक सफ़र

🔹 उन्होंने छात्र राजनीति से अपना करियर शुरू किया और बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के विभिन्न पदों पर काम किया।
विधायक से सांसद तक
🔹 2003 से 2014 तक वह राजस्थान विधानसभा से कुँआटा साउथ (Kota South) के विधायक रहे।
🔹 2014 में उन्होंने लोकसभा (Lower House of Parliament) के लिए चुनाव लड़ा और कोटा (Kota) से सांसद बने। उसके बाद से वे लगातार 2019 तथा 2024 में फिर से सांसद चुने गए।
🪑 लोकसभा अध्यक्ष (Speaker of Lok Sabha)
🔹 19 जून 2019 को ओम बिरला को पहली बार लोकसभा अध्यक्ष चुना गया।
🔹 26 जून 2024 को उन्हें दूसरी बार भी लोकसभा स्पीकर के रूप में चुना गया — यह एक इतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि ऐसा लगभग 20 साल में पहली बार हुआ है कि किसी स्पीकर को लगातार दो बार चुना गया।
🇮🇳 देश और लोकतंत्र को योगदान

ओम बिरला का योगदान सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने संसद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में भी कई पहलें की हैं:
✔️ लोकतांत्रिक संचालन की मजबूती
📌 वे संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में समर्थ रहे हैं।
📌 संसदीय नियमों और विधायी प्रक्रियाओं को लागू करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
✔️ संसद संस्थान की कार्यशीलता
📌 COVID-19 महामारी और अन्य समय में संसद की कार्यक्षमता को बनाए रखना उनके नेतृत्व की उपलब्धियों में शामिल है।
📌 लोकसभा में रिकॉर्ड-तुल्य बैठकों और चर्चा-विवादों को बढ़ावा मिला है।
✔️ सामाजिक सेवाएँ और लोकहित
📌 बिरला ने नि:शुल्क वस्त्र वितरण, आहार और चिकित्सा सहायता कार्यक्रम, और महिलाओं तथा गरीबों के लिए विशेष योजनाएं जैसे सामाजिक कार्यों का समर्थन किया है।
✔️ राष्ट्रीय मुद्दों पर आवाज़
📌 उन्होंने महिला सशक्तिकरण, लोकतंत्र की मजबूती, और निवेश तथा विकास के लिए लोकतांत्रिक अनुशासन जैसे विषयों पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर जोर दिया है।
10 फरवरी 2026 को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

📌 10 फरवरी 2026 को विपक्षी दलों ने ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा। इस नोटिस पर लगभग 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए।
🧾 क्यों दिया गया प्रस्ताव?
विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव को इसलिए पेश किया क्योंकि उन्होंने आरोप लगाया कि:
✔️ लोकसभा की कार्यवाही में पक्षपाती व्यवहार किया गया। विपक्ष का दावा था कि छोटे-बड़े मुद्दों पर विपक्षी नेताओं को बोलने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए।
✔️ नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने का मौक़ा नहीं दिया गया।
✔️ विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया, जिससे सांसदों के विचार व्यक्त करने पर रोक लगी।
🏛️ संसदीय प्रक्रिया

📌 लोकसभा का नियम कहता है कि जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाता है, तो स्पीकर उस दौरान सदन की अध्यक्षता से स्वयं हट सकते हैं। इसलिए ओम बिरला ने इस दौरान स्वयं सदन की कार्यवाही में न बैठने का फैसला किया और सचिवालय को नोटिस की जांच हेतु कहा है।
विपक्ष और सरकार की स्थिति
📌 विपक्ष का कहना है कि यह प्रस्ताव लोकतंत्र और संसदीय नियमों के सही अनुपालन के लिए ज़रूरी है, जबकि सरकार और समर्थक दल इसे राजनीतिक चाल के रूप में देखते हैं।
🌟 संक्षेप
| विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | ओम बिरला |
| जन्म | 23 नवम्बर 1962, कोटा, राजस्थान |
| शिक्षा | M.Com (Commerce) |
| राजनीतिक पार्टी | BJP |
| पद | लोकसभा अध्यक्ष (Speaker), सांसद |
| निहित योगदान | लोकतंत्र मजबूत करना, संसदीय कार्यों में सुधार, सामाजिक कार्य |
| 10 फ़रवरी 2026 का घटनाक्रम | विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा, आरोप: पक्षपात/बोलने का मौका न देना। |



