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जनरल मनोज मुकुंद नरवणे : जीवन परिचय 2026

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे : जीवन परिचय

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे : जीवन परिचय
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे : जीवन परिचय

नाम: जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
जन्म: 22 अप्रैल 1960
जन्मस्थान: पुणे, महाराष्ट्र
पद: 28वें भारतीय थल सेना प्रमुख

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का जन्म 22 अप्रैल 1960 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ। बचपन से ही उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों में जाने का संकल्प लिया।

वे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) तथा भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के छात्र रहे, जहाँ से उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। जून 1980 में उन्हें सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की सातवीं बटालियन में कमीशन प्राप्त हुआ और यहीं से उनके सैन्य जीवन की औपचारिक शुरुआत हुई।


सैन्य सेवा का सफर

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे

लगभग 37 वर्षों से अधिक के अपने गौरवपूर्ण सैन्य करियर में जनरल नरवणे ने विभिन्न महत्वपूर्ण कमानों में अपनी सेवाएँ दीं। उन्होंने देश के संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करते हुए नेतृत्व का परिचय दिया।

  • जम्मू-कश्मीर में उन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स की एक बटालियन की कमान संभाली और उग्रवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।

  • पूर्वोत्तर भारत में भी उन्होंने शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

  • वे इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान भी संभाल चुके हैं।

  • श्रीलंका में उन्होंने भारतीय शांति रक्षक बल (IPKF) के सदस्य के रूप में सेवा दी।

  • तीन वर्षों तक वे म्यांमार स्थित भारतीय दूतावास में सैन्य अधिकारी के रूप में तैनात रहे, जहाँ उन्होंने सामरिक एवं कूटनीतिक दायित्वों का निर्वहन किया।


उच्च पदों पर दायित्व

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे

सेना प्रमुख बनने से पहले जनरल नरवणे ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया —

  • वे इस्टर्न कमांड के प्रमुख रहे, जो भारत-चीन की लगभग 4000 किलोमीटर लंबी सीमा की निगरानी करती है।

  • इसके पश्चात वे भारतीय थल सेना के उप-प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) बने।

उनकी दक्षता, अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय थल सेना का 28वाँ प्रमुख नियुक्त किया गया। उन्होंने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत से पदभार ग्रहण किया। सेना प्रमुख के रूप में वे लगभग 13 लाख थल सैनिकों के सर्वोच्च कमांडर बने।


सम्मान एवं पुरस्कार

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे

अपने उत्कृष्ट सैन्य योगदान और सेवाओं के लिए जनरल नरवणे को अनेक प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरण प्राप्त हुए हैं, जिनमें प्रमुख हैं —

  • सेना मेडल (SM)

  • विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)

  • अतिविशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

ये सम्मान उनके साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।


व्यक्तित्व और नेतृत्व

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे
जनरल मनोज मुकुंद नरवणे

जनरल नरवणे को एक शांत, संतुलित और रणनीतिक सोच वाले सैन्य अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी संयमित निर्णय लेकर भारतीय सेना की क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ किया।

उनका संपूर्ण सैन्य जीवन अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक उदाहरण है।


निष्कर्ष – Gitesh

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भारतीय थल सेना के उन प्रमुख अधिकारियों में से हैं जिन्होंने अपने समर्पण, अनुभव और नेतृत्व से सेना को नई दिशा दी। उनका जीवन देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जो राष्ट्रसेवा का सपना देखते हैं।

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