क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट के मुख्य कारण 2026
Reason behind the crash of cryptocurrency 2026

1. फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
बाजार इस गिरावट को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से जोड़कर देख रहा है।
यदि फेड ब्याज दरों में कटौती को धीमा करता है या सख्त रुख अपनाता है, तो जोखिम वाली संपत्तियों (Risk Assets) जैसे क्रिप्टो पर दबाव बढ़ता है।
उच्च ब्याज दरें निवेशकों को सुरक्षित साधनों (बॉन्ड, डॉलर) की ओर आकर्षित करती हैं।
डॉलर मजबूत होने पर क्रिप्टो पर नकारात्मक असर पड़ता है।
क्रिप्टो बाजार काफी हद तक लिक्विडिटी पर निर्भर करता है। जब सस्ती पूंजी कम होती है, तो क्रिप्टो जैसी अस्थिर संपत्तियों में गिरावट आती है।
2. लिक्विडेशन और लीवरेज ट्रेडिंग

क्रिप्टो बाजार में बड़ी मात्रा में फ्यूचर्स और लीवरेज ट्रेडिंग होती है।
कीमत गिरते ही बड़े पैमाने पर Forced Liquidation शुरू हो जाती है।
जब निवेशकों की पोजिशन ऑटोमैटिकली कटती है, तो बाजार में और ज्यादा बिकवाली बढ़ती है।
इससे गिरावट का दायरा तेज और व्यापक हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार हालिया गिरावट में भारी लिक्विडेशन प्रमुख कारक रहा है।
3. ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता
अमेरिका में व्यापार नीतियों और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता भी निवेशकों को सतर्क बना रही है।
यदि वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ता है, तो निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपनाते हैं।
ऐसे समय में पूंजी क्रिप्टो से निकलकर सोना, डॉलर या सरकारी बॉन्ड की ओर जाती है।
राजनीतिक बयानबाजी और व्यापारिक टैरिफ बाजार में अस्थिरता बढ़ा सकते हैं।
4. मुनाफावसूली
अक्टूबर में बिटकॉइन 1.25 लाख डॉलर के आसपास पहुंचा था।
इतनी तेज रैली के बाद स्वाभाविक रूप से निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की जाती है।
ऊंचे स्तर पर खरीदने वाले निवेशक घबराहट में बेचते हैं।
पुराने निवेशक लाभ सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करते हैं।
यह तकनीकी सुधार (Technical Correction) का हिस्सा भी हो सकता है।
5. निवेशक भावना
फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स का 21 पर पहुंचना यह दर्शाता है कि बाजार में डर का माहौल है।
जब इंडेक्स 25 से नीचे होता है तो इसे “Extreme Fear” कहा जाता है।
ऐसे समय में अस्थिरता बढ़ जाती है।
हालांकि इतिहास बताता है कि कई बार अत्यधिक डर का माहौल दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकता है।
क्या यह अस्थायी गिरावट है या बड़ी चेतावनी?

वर्तमान गिरावट कई कारकों का संयुक्त प्रभाव प्रतीत होती है:
मौद्रिक नीति में अनिश्चितता
लिक्विडेशन
वैश्विक राजनीतिक तनाव
मुनाफावसूली
यदि फेड की नीति स्पष्ट होती है और बाजार में स्थिरता आती है, तो क्रिप्टो में रिकवरी संभव है। लेकिन यदि लिक्विडिटी दबाव और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो बाजार में और गिरावट भी देखी जा सकती है।
निष्कर्ष
क्रिप्टोकरेंसी बाजार स्वभाव से अत्यधिक अस्थिर है। वर्तमान गिरावट यह दर्शाती है कि यह बाजार अभी भी वैश्विक आर्थिक नीतियों, निवेशक भावना और लिक्विडिटी पर अत्यधिक निर्भर है।
निवेशकों को ऐसे समय में भावनात्मक निर्णय लेने से बचना चाहिए और जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देनी चाहिए।



