महेश्वर में महाशिवरात्रि पर भव्य भजन प्रतियोगिता 15 feb 2026

मालवा–निमाड़ की स्वर साधना गूंजेगी नर्मदा तट पर, 15 फरवरी को होगा मुख्य मुकाबला
महेश्वर
नर्मदा तट स्थित ऐतिहासिक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर एक बार फिर भक्ति और संगीत के संगम का साक्षी बनने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी 2026 को रात्रि 8 बजे से पारंपरिक भव्य भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन दयालु मित्र मंडल एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समिति के तत्वावधान में संपन्न होगा।
ऑडिशन में दिखी जबरदस्त भागीदारी
प्रतियोगिता के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से ऑडिशन आयोजित किए गए। प्रथम ऑडिशन में 17 टीमों ने भाग लिया, जबकि द्वितीय ऑडिशन 6 फरवरी को संपन्न हुआ। आयोजन समिति के संयोजक हेमंत जैन ने बताया कि इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया।
प्रथम ऑडिशन में जिन प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से प्रभावित किया, उनमें प्रमुख रूप से —
पूजा राजपाल (खंडवा), राजेश प्रजापति , अशोक रवेलिया ,नीरज गोले माही डावर, ऋषिका निहाले , भावना–शिवानी केवट (लेपा), आनंद सोलंकी , गीतेश भार्गव , माहि डावर , सहित कई कलाकारों ने भाग लिया।
इनके अतिरिक्त मालवा–निमाड़ क्षेत्र की अन्य भजन मंडलियों ने भी अपनी भक्ति-भावपूर्ण प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
चयनित 16 टीमें देंगी अंतिम प्रस्तुति
आयोजकों के अनुसार, ऑडिशन के बाद चयनित 16 भजन मंडलियां 15 फरवरी की रात्रि मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगी। महाशिवरात्रि की रात्रि में नर्मदा तट पर संपूर्ण रात्रि जागरण का आयोजन होगा, जहां शिव भक्ति के स्वर देर रात तक गूंजेंगे।
कार्यक्रम में मंच संचालन एवं व्यवस्थाओं में दीपक यादव, चेतन यादव, हरीश दुबे, तपन अग्रवाल सहित समिति के अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
विजेताओं को मिलेगा आकर्षक पुरस्कार
भजन प्रतियोगिता में विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी —
🥇 प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
🥈 द्वितीय पुरस्कार – ₹31,000
🥉 तृतीय पुरस्कार – ₹21,000
आयोजन समिति के पदाधिकारियों में श्री दीपक यादव (उपाध्यक्ष), श्री चेतन यादव (कोषाध्यक्ष), श्री नरेश टोहा (क्यूरेटर डायरेक्टर), श्री हरीश दुबे (संरक्षक) सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं, जो वर्षों से इस सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
संस्कृति, भक्ति और प्रतिभा का संगम
महेश्वर की यह पारंपरिक भजन प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मालवा–निमाड़ की लोक-आस्था और संगीत परंपरा का जीवंत मंच है। यह आयोजन स्थानीय कलाकारों को पहचान देने के साथ ही नई पीढ़ी को भक्ति संगीत से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।
महाशिवरात्रि की पावन रात्रि में जब शिव स्तुति के स्वर नर्मदा की लहरों से मिलेंगे, तब महेश्वर एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस में डूबा नजर आएगा।



