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बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़

बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़ 

बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़
बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़

बांग्लादेश ने 12 फरवरी 2026 को अपना 13वां संसदीय चुनाव बड़े उत्साह और व्यापक भागीदारी के साथ आयोजित किया। यह चुनाव विशेष महत्व रखता था क्योंकि यह 2024 में सत्ता से हटाई गई शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहला बड़ा लोकतांत्रिक चुनाव था।

देश के लगभग 127.7 मिलियन पंजीकृत मतदाताओं में लगभग 59.4% ने मतदान किया, जो पिछले वर्षों की अपेक्षा बेहतर भागीदारी का संकेत देता है।


परिणाम: BNP की ऐतिहासिक विजय

बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़
बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़
बांग्लादेश 2026 चुनाव – 

के परिणामों में Bangladesh Nationalist Party ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जिसने 300 सीटों में से लगभग 209 से अधिक सीटें जीत लीं और वृहद जनादेश पाया।

पार्टी के नेता Tarique Rahman, जो दशकों से देश के राजनीतिक जीवन का एक प्रसिद्ध चेहरा रहे हैं, अब प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं

यह जीत बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि पार्टी लगभग दो दशक से सत्ता से बाहर थी, और देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आया है।


सरकार गठन की प्रक्रिया और उसकी चुनौतियाँ

बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़
बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़

तारीक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार का कार्यभार स्वीकार करना एक बड़ा बदलाव है। यह सरकार महामंदी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक विभाजन को समाप्त करने के वादों के साथ सत्ता में आई है।

नए प्रधानमंत्री के सामने कुछ प्रमुख चुनौतियाँ हैं:

  • ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना

  • बेरोज़गारी और आर्थिक मंदी से निपटना

  • देश के भ्रष्टाचार-रोधी ढांचे का पुनर्निर्माण

  • न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संस्थागत पुनर्गठन

इन मुद्दों में से प्रत्येक पर जनता और विपक्ष की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि चुनाव में मिली भारी जीत के बावजूद देश के सामने वास्तविक सुधार की मांगें अभी भी बड़ी हैं


क्या चुनाव सच में निष्पक्ष और मुक्त थे?

नए सरकार के समर्थकों का दावा है कि यह चुनाव लगभग निष्पक्ष और शांतिपूर्ण था, जिसने दशकों के राजनीतिक संघर्ष के बाद लोकतंत्र को बल दिया।

हालाँकि, चुनाव के बाद Bangladesh Jamaat‑e‑Islami और अन्य विपक्षी दलों ने मतगणना में “असामान्य विलंब” और “परिणाम से छेड़छाड़” के आरोप लगाए हैं।

कुछ क्षेत्रों में भीड़भाड़, प्रदर्शन और तनाव के संकेत मिले, और विपक्ष ने 30 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में पुनर्गणना करने का अनुरोध किया

इन घटनाओं ने राजनीतिक वातावरण को थोड़ा प्रतिबिंबित किया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूर्ण रूप से शांत नहीं थी और भविष्य में सुधार की संभावना बनी हुई है।


नई सरकार का भारत के साथ संबंधों पर असर

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बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़

बांग्लादेश और भारत के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ, लेकिन कभी-कभी तनावपूर्ण संबंधों का इतिहास रहा है, खासकर शेख हसीना के शासन के दौरान। कई मुद्दों पर विवाद उभर आए थे जैसे सीमा सुरक्षा, आतंकवाद, जल स्रोतों का प्रबंधन और अप्रवासन — जिनमें दोनों देशों ने कभी-कभी एक दूसरे पर आरोप लगाए।

नई सरकार पर शुरू में भारत-बांग्लादेश संबंधों को बेहतर बनाने की उम्मीद जताई गई, और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत पर बधाई भी दी

लेकिन इसी के साथ ही नई सरकार के एक प्रवक्ता ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को “आतंकी” बताने वाले बयान भी दिए, और भारत को यह सुनिश्चित करने की बात कही कि हसीना दुबारा राजनीतिक गतिविधियाँ न कर सके। इस बयान से दोनों देशों के बीच संभावित तनाव बढ़ सकता है।

भारत-बांग्लादेश व्यापार 2023-24 के दौर में लगभग $15.9 अरब तक पहुंचा, जिसमें भारत निर्यातक के रूप में अग्रणी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक हितों में सहमति बनी रह सकती है, पर राजनीतिक चुनौतियाँ रिश्तों को प्रभावित कर सकती हैं


पाकिस्तान और “देश-विरोधी तत्वों” के बारे में कथित आरोप

चुनाव से पहले और उसके दौरान इंटरनेट और कुछ समाचार समूहों में यह दावा भी उठाया गया कि कुछ राजनीतिक दल, जिनमें जमात-ए-इस्लामी भी शामिल हैं, पाकिस्तान-समर्थक हैं और भारत-विरोधी विचार रखते हैं

ऐसे आरोपों में कहा जाता है कि ये दल 1971 के स्वतंत्रता संग्राम में विरोधी शक्ति के रूप में उभरे थे, और उनकी विचारधारा को लेकर कुछ आलोचना हुई है।

हालाँकि राजनीतिक दलों के समर्थन, नीतियों और उनके इतिहास को लेकर अलग-अलग व्याख्याएँ मौजूद हैं, सरकार की नीति और वास्तविक कूटनीतिक व्यवहार चुनाव के बाद निर्णायक होगा। तत्काल प्रतिक्रियाओं के बावजूद, राजनीतिक व्यवहार तथा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति दोनों पर चुनाव परिणाम का असर स्पष्ट होने में अब कुछ समय लगेगा।


निष्कर्ष –Gitesh 
बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़
बांग्लादेश 2026 चुनाव : ऐतिहासिक मोड़

2026 के बांग्लादेशी चुनाव ने देश को एक नए राजनीतिक चेहरे के नेतृत्व में आगे बढ़ाया है। BNP की ऐतिहासिक जीत और तारीक रहमान का प्रधानमंत्री बनना बांग्लादेश के लिए एक नए युग की शुरुआत प्रतीत होता है।

भले ही देश के सामने अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार और सामाजिक सौहार्द जैसे बड़े मुद्दे हों, लेकिन इस चुनाव ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूती देने, और क्षेत्रीय कूटनीति का नया अध्याय शुरू करने की क्षमता दिखाई है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में संतुलन, सहयोग और तनाव, दोनों के लिए मार्ग खुले हैं, और भविष्य की नीतियों, व्यापारिक समझौतों और सीमा-सुरक्षा चर्चाओं से यह तय होगा कि यह संबंध कितनी मजबूती से आगे बढ़ता है।

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