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सत्य की मदद करे श्रीहरि – निमाड़ी भजन | Lyrics
निमाड़ क्षेत्र में गाए जाने वाला यह सुंदर भजन “सत्य की मदद करे श्रीहरि” ग्यारस, वामन अवतार और राजा बली की पौराणिक कथा पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि सत्य और धर्म की रक्षा स्वयं श्रीहरि करते हैं, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
निमाड़ी लोकभाषा में गाया जाने वाला यह भजन सुहाग, समर्पण, धर्म, वचन, राखी और सत्य के महत्व को सुंदर रूप में व्यक्त करता है। भजन में लक्ष्मी जी की चिंता, नारद जी की भूमिका, राजा बली का धर्म और वामन देव का वचनबद्ध स्वरूप—सब कुछ अत्यंत भावपूर्ण तरीके से दर्शाया गया है।
यह पवित्र गीत ग्यारस पर्व, व्रत-उपवास और भक्तिमय आयोजनों में विशेष रूप से गाया जाता है। नीचे आपको इसके पूरे Lyrics, भावार्थ, टैग्स और SEO सेटिंग्स दिए जा रहे हैं।
Song Title : Satya Ki Madad Kare Shri Hari Category : Nimadi Folk Devotional Song
Language : Nimadi
Singer : Gitesh kumar bhrgava
Lyricist : Shree Poonam ji yadav
Theme : VIshnu bhagwan bhajana
Region : Nimar (Madhya Pradesh, India)
सत्य की मदद करे श्रीहरि – निमाड़ी भजन लिरिक्स
ग्यारह रुप धर देवी जुगधरी -2 अवलो कवलो बोर्र भाजी रे
तुम रहो सुहागन उथो देव होण घटाळ वाजी र…
वचन बंधाया विष्णुजी, राजा बली घर पैताल म
कर नौकरी रात दिन – वो द्वारपाल का हाल म
जाचण गया था एक समय- वामन रूप धर चाल म
धरम की रक्षा करन् म, फस्या बली का जाल म”
चौमासा दुयंगा वहाँ पर बरी, सोची न लक्ष्मी भन म डरी-2 वात नारद कय ताजी र
ह तुम रहो सुहागन उठो देव होण घराळ वाजी रेss.
बईण ब नी न लक्ष्मी जी गई राजा बली का द्वार रेर
भाई बणायो धरम को, बांध्यो राखी को तार रे
मागो बयण मन भावन जो, हम नही करा इनकार रे
माग्यो सुहाग धन लक्ष्मी क मिली गयो भरतार रे”
आज दिन ग्यारस को हो खरी,
वचन देवा प्रभु क’ सुमरी
होय जग म वाजी रे
ह तुम रहो सुहागन उठो देव होण घराळ वाजी रेss
उत्तम तिथी ग्यारस की सुणो-सदा रहे आबाद रे
मगल मोयरित शुभ लगन रहे, दई दियो, आशीर्वाद रे
कार्तिक सूदी दसमी सी, पुन्नम तक मुबारक बाद
सिद्ध काम होय सदा- जो राख हमेशा याद
वका सी जीवन जाये सुधरी,
वाणी क रा खो याद तुम हमरी खोपड़ी का फिरो कावाजी रे
तुम रहो सुहागन उठा देव होण घराळ वाजी रे
अखाती तीज और ग्यारस खोपडी, बिना रोक टोक होय काज रे
भाडळ्य नौ को भी मन मोयरित – लक्ष्मी पति विराज रे
मृत्यु लोक म आज भी – जिनक मा न सबय समाज
मनमोहन वो मुरली वाळो- राख सबकी लाज रे
गीत पुनम क याद करी, भाई यशवंत भी भाव भरी,
खेलो भाई ज्ञान की बाजी रे
तुम रहो सुहागण उठो देव होण घटाळ वाजी रे
🎶 Satya Ki Madad Kare Shri Hari – Nimadi Bhajan Lyrics
Satya Ki Madad Kare Shri Hari
Gyarah roop dhar Devi Jugdhari – 2
Avlo kavlo borr bhaaji re,
Tum raho suhaagan utho Dev hon ghataal vaaji re…
Vachan bandhaaya Vishnuji, Raja Bali ghar paataal ma,
Kar naukri raat-din, vo dwaarpaal ka haal ma.
Jaachan gaya tha ek samay, Vaman roop dhar chaal ma,
Dharam ki raksha karan ma, fasya Bali ka jaal ma.
Chaumaasa duyanga vahan par bari,
Sochi na Lakshmi bhan ma dari – 2
Vaat Narad kay taaji re,
Ho tum raho suhaagan, utho Dev hon ghataal vaaji re…
Bahin baani ne Lakshmi ji gayi Raja Bali ka dwaar reer,
Bhai banaayo dharam ko, baandhyo Rakhi ko taar re.
Maago bahin man bhaavan jo, hum nahi kara inkaar re,
Maagyo suhaag dhan Lakshmi ko, mili gayo bhartar re.
Aaj din Gyaras ko ho khari,
Vachan deva Prabhu ka sumri,
Hoy jag ma vaaji re,
Tum raho suhaagan… Dev hon ghataal vaaji re…
Uttam tithi Gyaras ki suno, sada rahe aabaad re,
Mangal mohurat shubh lagan rahe, dai diyo aashirvaad re.
Kartik Sudi Dasmi si, Punnam tak mubaarakbaad,
Siddh kaam hoy sada, jo raakh hamesha yaad.
Vaka si jeevan jaaye sudhri,
Vaani ka raakho yaad,
Tum hamri khopdi ka firo kaavaji re,
Tum raho suhaagan, utho Dev hon ghataal vaaji re…
Akhaati Teej aur Gyaras khopdi,
Bina rok-tok hoy kaaj re.
Bhadalya Nau ko bhi man moorit,
Lakshmi pati viraaj re.
Mrityu lok ma aaj bhi, jinka maane sabay samaaj,
Manmohan vo Murli waalo, raakh sabki laaj re.
Geet Poonam ko yaad kari,
Bhai Yashwant bhi bhaav bhari,
Khelo bhai gyaan ki baaji re,
Tum raho suhaagan, utho Dev hon ghataal vaaji re…
भजन का भावार्थ – ग्यारस और सत्य की रक्षा
“सत्य की मदद करे श्रीहरि” का अर्थ: भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलने वालों की रक्षा स्वयं भगवान विष्णु करते हैं।
भजन में वामन अवतार का प्रसंग है—जहाँ देवों की रक्षा हेतु श्रीहरि “वामन” रूप में राजा बली के पास जाते हैं।
लक्ष्मी की चिंता, नारद का संदेश और धर्म के बंधन—ये सब धर्मयोग की व्याख्या करते हैं।
“राखी” बांधने का प्रसंग बताता है कि धर्म भाई की तरह रक्षा करता है।
ग्यारस की तिथि को सौभाग्य, सत्य, धन और सद्भावना का उत्सव माना गया है।
Bhajans & Kirtan
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श्रीहरि भजन
सत्य धर्म कथा
🌟 11. FAQ
Q1. ग्यारस क्या है?
ग्यारस भगवान विष्णु को समर्पित तिथि है, जिसे सौभाग्य और धर्म की तिथि माना जाता है।
Q2. यह भजन किस कथा पर आधारित है?
यह भजन वामन अवतार और राजा बली की पौराणिक कथा पर आधारित है।
Q3. यह कौनसी भाषा में है?
यह गीत निमाड़ी भाषा में है।



