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धरा प हनुमान प्रकट्या

धरा प हनुमान प्रकट्या – Nimadi lyrics 2026

धरा प हनुमान प्रकट्या – Nimadi lyrics 2026

धरा प हनुमान प्रकट्या
धरा प हनुमान प्रकट्या

🎵 Song: Dhara Pa Hanuman Prakatya (धरा प हनुमान प्रकट्या)

🎤 Singer: Gitesh Kumar Bhargava

✍️ Lyricist: Rajesh Bhai Revaliya

📱 Official Release: Nimadi Kalakar


धरा प हनुमान प्रकट्या

 

धरा प हनुमान प्रकट्या – Nimadi lyrics 2026चैत महीना को दिन मंगलवार धरा प हनुमान प्रकट्या
तिथि पूनम की हुयो चमत्कार , धरा प हनुमान प्रकट्या

अंजनी सूत ओ केसरी नंदन , राम दुलारे दुःख ओ भंजन
लियो बल रूप अवतार , धरा प हनुमान प्रकाट्या

द्वारा द्वारा धरती सजाई , स्वागत आसान फुल बिछायी
आया जग का वह तारण हार , धरा प हनुमान प्रकट्या

ब्रह्मा विष्णु मन हर्षाया , वीणा का संग नारद आया
गीत राजेश कलम को सार , धरा प हनुमान प्रकट्या


Dhara pe Hanuman Prakatya 

धरा प हनुमान प्रकट्या - Nimadi lyrics 2026
धरा प हनुमान प्रकट्या – Nimadi lyrics 2026

Dhara pe Hanuman prakatya

Chait mahina ko din Mangalvaar, dhara pe Hanuman prakatya
Tithi Poonam ki huyo chamatkaar, dhara pe Hanuman prakatya

Anjani soot o Kesari Nandan, Ram dulaare dukh o bhanjan
Liyo bal roop avataar, dhara pe Hanuman prakatya

Dwaara dwaara dharti sajaayi, swaagat aasan phool bichhaayi
Aaya jag ka woh taaranhaar, dhara pe Hanuman prakatya

Brahma Vishnu man harshaya, veena ka sang Narad aaya
Geet Rajesh kalam ko saar, dhara pe Hanuman prakatya


भावार्थ

🔶 मुखड़ा (पहली पंक्तियाँ)

“चैत महीने के दिन मंगलवार, पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी धरती पर प्रकट हुए”

👉 इसका अर्थ है कि चैत महीने की पूर्णिमा और मंगलवार के शुभ दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ। इसे एक चमत्कार के रूप में बताया गया है, क्योंकि उनका अवतार दिव्य था।


🔶 अंजनी सूत ओ केसरी नंदन…

👉 हनुमान जी, माता अंजनी और पिता केसरी के पुत्र हैं।
👉 वे भगवान राम के प्रिय भक्त हैं और सभी दुखों को दूर करने वाले हैं।
👉 उन्होंने शक्ति और बल के रूप में अवतार लिया ताकि संसार की रक्षा कर सकें।


🔶 द्वारा द्वारा धरती सजाई…

👉 जब हनुमान जी का जन्म हुआ, तब पूरे संसार में खुशी का माहौल था।
👉 हर जगह सजावट की गई, फूल बिछाए गए और उनका स्वागत किया गया।
👉 वे संसार के “तारणहार” यानी सबको बचाने वाले बनकर आए।


🔶 ब्रह्मा विष्णु मन हर्षाया…

👉 हनुमान जी के जन्म से ब्रह्मा, विष्णु जैसे देवता भी प्रसन्न हुए।
👉 नारद मुनि वीणा लेकर आए और भगवान के गुणों का गान करने लगे।
👉 अंत में कवि (राजेश) कहता है कि यह भजन उसकी कलम की भक्ति का सार है।


🌼 समग्र भावार्थ

यह भजन हनुमान जी के दिव्य जन्म, उनकी शक्ति, भक्ति और संसार के रक्षक रूप को दर्शाता है। इसमें उनके आगमन को एक उत्सव की तरह बताया गया है, जहाँ देवता और मनुष्य सभी आनंदित हैं।

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