शनि की महिमा अपरम्पार – Lyrics 2026

Singer – Giteh kumar bhargava
Lyrics – Shree Rajesh bhai Revaliya
शनि की महिमा अपरम्पार – Lyrics 2026

सूर्य के पुत्र शनि कहलाये ,माता छाया की गोद खिलाये
ग्रहो पर रखते है अधिकार ,
जन जन की तुम बिगड़ी बनाते करते बेडा पार
शनि की महिमा अपरम्पार….शनि की महिमा अपरम्पार…..
माया के चक्कर में मानव अपने कर्म भुल जाते है ,
सत्कर्मो की रह छोड़कर , अधर्म को अपनाते है
माया के जंजालो में वह उलझ उलझते जाते है
शनि देव की नज़रो से वह कोई नहीं बच पाते है
काल का संकट जब भी सताए , शनि ही सबकको रह दिखाए
न्याय के तुम्ही बने सरदार ……
जन जन की तुम बिगड़ी बनाते करते बेडा पार
शनि की महिमा अपरम्पार….शनि की महिमा अपरम्पार…..
काळा स्वांग को शनिवार को जो कोई एना खिलते है
उस मानव पर हर पल बाबा अपनी कृपा बरसाते है
काळा वस्त्रो का धारण कर ,तिल जो तेल चाढ़ाते है
सब दुःख उनके दूर स्वयं ही शनि देव ही मिटाते है
भाव से जो भी इनको मनाये
सभी विपदा को दूर भगाये
काल भी मने इनसे हार….
जन जन की तुम बिगड़ी बनाते करते बेडा पार
शनि की महिमा अपरम्पार….शनि की महिमा अपरम्पार…..
शनिवार को शनि देव का जो कोई ध्यान लगते है
रोग दोष के चक्कर से वह कोई नहीं बच पाते है
कर्माधिकारी शनिदेव की महिमा सब मिल गाते है
न्यामूर्ति वह न्यायाधीश जी सबके भाग जागते है
राज भी शनि का गीत सुनाये
धन्य जीवन को आना बनाये
ओह बाबा साँचा तेरा द्वार
जन जन की तुम बिगड़ी बनाते करते बेडा पार
शनि की महिमा अपरम्पार….शनि की महिमा अपरम्पार…..
“Shani Ki Mahima Aparampaar” – Lyrics 2026




