आज मेरे घर आना – Mataji bhajan lyrics 2012

भजन का परिचय
“ज्योत जलाई है माँ हमने” एक भावपूर्ण देवी भजन है, जिसके रचयिता और मूल गायक Shree Braj Mohana Choukse “Premi” हैं। इस भजन में माँ के प्रति सच्ची भक्ति और श्रद्धा की भावना प्रकट होती है।
समय के साथ यह भजन भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ और कई कलाकारों ने इसे अपनी आवाज़ में गाया है, जिनमें Gitesh Bhargava और Jitendra Shere जैसे गायक भी शामिल हैं। अलग-अलग गायकों की प्रस्तुति के कारण यह भजन विभिन्न भजन संध्याओं और धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धा से गाया जाता है।
यह भजन मुख्य रूप से माँ Durga की आराधना में गाया जाता है, जब भक्त अपने घर या मंदिर में भजन-कीर्तन और ज्योत जलाकर माँ का आह्वान करते हैं।
आज मेरे घर आना

ज्योत जलाई है माँ हमने,
है भजनो की रात।
आज मेरे घर आना॥
चौक सजाया हमने, चौकी लगाई,
हलुवा बनाया, हमने चुनरी मंगाई।
दर्शन दिखा दे ओ महारानी,
बिगड़ न जाए बात।
आज मेरे घर आना॥
वाट निहारे तेरी, जल्दी से आना,
आज ना आई तुम तो हँसेगा जमाना।
याद में तेरी हो रही मैया,
नैनों से बरसात।
आज मेरे घर आना॥
कोई नहीं है जग में तेरा सहारा,
संकट पड़ा है भारी, तुमको पुकारा।
सिंह सवारी करके मैया,
रख दो सर पे हाथ।
आज मेरे घर आना॥
कुछ भी न मांगू तुमसे, दर्शन दिखा दो,
दर्शन दिखाकर बिगड़ी बात बना दो।
प्रेमी पागल यही मांगे,
कभी ना छूटे साथ।
आज मेरे घर आना॥
Aaj mere ghar aana

Jyot jalai hai maa humne,
Hai bhajano ki raat,
Aaj mere ghar aana.
Chauk sajaya humne, chauki lagayi,
Halwa banaya, humne chunari mangayi,
Darshan dikha de o Maharani,
Bigad na jaye baat,
Aaj mere ghar aana.
Waat nihare teri, jaldi se aana,
Aaj na aayi tum to hasega zamana,
Yaad mein teri ho rahi Maiya,
Naino se barsaat,
Aaj mere ghar aana.
Koi nahin hai jag mein tera sahara,
Sankat pada hai bhari, tumko pukara,
Sinh sawari karke Maiya,
Rakh do sar pe haath,
Aaj mere ghar aana.
Kuch bhi na maangu tumse, darshan dikha do,
Darshan dikhake bigdi baat bana do,
Premi pagal ye hi maange,
Kabhi na chhoote saath,
Aaj mere ghar aana.
भजन का संक्षिप्त अर्थ

इस भजन में एक भक्त माँ से विनती करता है कि उसने अपने घर में भक्ति की ज्योत जलाई है और भजन की पावन रात में माँ से अपने घर आने का आग्रह करता है।
भक्त बताता है कि उसने माँ के स्वागत के लिए चौक सजाया है, चौकी लगाई है, प्रसाद बनाया है और चुनरी मंगाई है। वह माँ से केवल दर्शन की प्रार्थना करता है और कहता है कि उसकी सारी परेशानियाँ दूर हो जाएँगी।
भजन में यह भाव भी है कि जब जीवन में संकट आता है तो भक्त माँ को पुकारता है और उनसे रक्षा व आशीर्वाद की प्रार्थना करता है। अंत में भक्त माँ से यही मांग करता है कि उनका प्रेम और साथ जीवनभर बना रहे।



