अरिजीत सिंह का 2026 में बड़ा फैसला : बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग से दूरी, नई संगीत यात्रा की शुरुआत

हाल ही में आई जानकारी के अनुसार बॉलीवुड के मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने फिल्मों के लिए प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वे संगीत से दूर नहीं हो रहे, बल्कि अपने रचनात्मक सफर को एक नई दिशा देना चाहते हैं।
यह फैसला सिर्फ एक करियर बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार की सोच को दर्शाता है जो सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी खुद को दोहराना नहीं चाहता।
एक छोटे शहर से विश्व मंच तक का सफर

अरिजीत सिंह का जन्म पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुआ। उनका संगीत से जुड़ाव बचपन से ही रहा। उनकी दादी और मां संगीत से जुड़ी थीं, जिससे उन्हें शुरुआती प्रेरणा मिली।
शुरुआती संघर्ष
2005 में उन्होंने रियलिटी शो “फेम गुरुकुल” में भाग लिया।
वे शो नहीं जीत पाए, लेकिन उनकी प्रतिभा ने संगीत जगत का ध्यान खींचा।
इसके बाद उन्होंने कई वर्षों तक बैकग्राउंड सिंगिंग, म्यूजिक प्रोग्रामिंग और छोटे प्रोजेक्ट्स में काम किया।
कई बार ऐसा समय भी आया जब उन्हें मुख्य गायक के रूप में मौके नहीं मिल रहे थे। वे पर्दे के पीछे रहकर संगीत सीखते और समझते रहे। यही संघर्ष उनके करियर की मजबूत नींव बना।
सफलता का बड़ा मोड़ – “आशिकी 2”

2013 में फिल्म “आशिकी 2” का गाना “तुम ही हो” उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
यह गाना सुपरहिट हुआ
उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले
वे रातों-रात बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद प्लेबैक सिंगर बन गए
इसके बाद उन्होंने “चन्ना मेरेया”, “ऐ दिल है मुश्किल”, “राब्ता”, “केसरिया”, “फिर भी तुमको चाहूंगा” जैसे कई सुपरहिट गाने दिए।
लगातार सफलता और रिकॉर्ड

कई बार फिल्मफेयर अवॉर्ड विजेता
भारत के सबसे ज्यादा स्ट्रीम किए जाने वाले गायकों में शामिल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय
दुनिया के बड़े-बड़े स्टेडियम में लाइव कॉन्सर्ट
उनकी आवाज़ को भावनाओं की गहराई और सादगी के लिए जाना जाता है।
फिर क्यों लिया यह बड़ा फैसला?
इतनी सफलता के बावजूद अरिजीत सिंह ने बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का निर्णय लिया। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए जा रहे हैं:
1. रचनात्मक थकान
लगातार रोमांटिक और भावनात्मक गानों की एक जैसी शैली से वे खुद को दोहराता हुआ महसूस कर रहे थे। एक सच्चे कलाकार के लिए यह स्थिति प्रेरणाहीन हो सकती है।
2. संगीत की जड़ों की ओर वापसी
अरिजीत की मूल शिक्षा भारतीय शास्त्रीय संगीत में रही है। वे अब फिर से शास्त्रीय संगीत, सूफी और लोक धुनों की ओर लौटना चाहते हैं।
3. स्वतंत्रता की चाह
फिल्म इंडस्ट्री में गायक को कहानी, किरदार और प्रोडक्शन की जरूरतों के अनुसार गाना पड़ता है।
अब वे अपनी शर्तों पर संगीत बनाना चाहते हैं — बिना किसी बंधन के।
4. नई आवाजों को अवसर
अरिजीत का मानना है कि इंडस्ट्री में नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। वे चाहते हैं कि युवा गायक भी मुख्यधारा में अपनी जगह बना सकें।
अब आगे क्या?
🎵 स्वतंत्र संगीत
वे अपने खुद के म्यूजिक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से वे सीधे अपने श्रोताओं तक पहुंचेंगे।
🎼 भारतीय शास्त्रीय संगीत
संभावना है कि वे शास्त्रीय या फ्यूजन एल्बम पर काम करें। यह उनके संगीत का एक नया और गहरा रूप होगा।
🎤 लाइव कॉन्सर्ट्स
अरिजीत सिंह अपने लाइव शो के लिए जाने जाते हैं। वे देश और विदेश में कॉन्सर्ट जारी रखेंगे।
🎙️ मेंटर की भूमिका
वे नए सिंगर्स को मार्गदर्शन देने और उनके लिए मंच तैयार करने की दिशा में भी काम कर सकते हैं।
सादगी – उनकी असली पहचान

इतनी सफलता के बावजूद अरिजीत सिंह हमेशा साधारण जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं।
वे लाइमलाइट से दूर रहते हैं
विवादों से बचते हैं
सोशल मीडिया पर सीमित उपस्थिति रखते हैं
उनकी यही सादगी और विनम्रता उन्हें बाकी सितारों से अलग बनाती है।
एक कलाकार की सच्ची जीत
अरिजीत सिंह का यह निर्णय बताता है कि असली सफलता सिर्फ लोकप्रियता या पैसा नहीं है, बल्कि आत्मसंतोष और रचनात्मक स्वतंत्रता है।
उन्होंने अपने करियर के शिखर पर होते हुए भी एक नई राह चुनने का साहस दिखाया है।
यह कदम आने वाले समय में भारतीय संगीत इंडस्ट्री को एक नया आयाम दे सकता है।
– निष्कर्ष – Gitesh
अरिजीत सिंह ने संगीत को छोड़ा नहीं है, बल्कि उसे एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी की है।
बॉलीवुड प्लेबैक से दूरी बनाकर वे अपने असली संगीत प्रेम को फिर से जीना चाहते हैं।
फैंस के लिए यह एक भावनात्मक क्षण जरूर है, लेकिन साथ ही यह उम्मीद भी है कि अब वे अरिजीत की आवाज़ को और भी नए और अनोखे अंदाज़ में सुन पाएंगे।



