Mata mano hamari baat, Khajori chhodi chala chhodi chala Mata mano hamari baat, Khajori chhodi chala chhodi chala Aso din ungiyo na parbhat, Khajori chhodi chala chhodi chala
Hare gaon Khajori to apni janm bhoomi janm Are sukh ki re baat, Khajori chhodi chala chhodi chala
Hare gaon Khajori me punya ki basi rayo basi rayo Ho aso tan par kar ghat Khajori, chhodi chala chhodi chala
Hare gaon Khajori me shatru basi rayo basi rayo Ho aso kari raya re daav-peech Khajori, chhodi chala chhodi chala
Mata mano hamari baat Khajori, chhodi chala chhodi chala Mata mano hamari baat Khajori, chhodi chala chhodi chala
खजोरी छोड़ी चला छोड़ी चला Singaji Bhajan lyrics
भजन का भावार्थ
इस भजन में संत सिंगाजी अपनी माता जी से बहुत विनम्रता और दर्द के साथ निवेदन कर रहे हैं कि अब खजोरी गाँव छोड़ देना ही सही निर्णय है।
शुरुआत में वे बार-बार कहते हैं — “माता मानो हमारी बात” — इसका मतलब है कि वे अपनी माता को समझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि माँ के लिए जन्मभूमि छोड़ना आसान नहीं होता।
पहला भाव: “असो दिन ऊँगियो न परभात” 👉 सिंगाजी बताते हैं कि समय इतना खराब हो गया है कि अब अच्छे दिनों की सुबह ही नहीं आती। यानी जीवन में सुख-शांति खत्म हो चुकी है।
दूसरा भाव: “खजोरी तो अपनी जन्म भूमि” 👉 वे मानते हैं कि यह गाँव उनकी जन्मभूमि और सुख की जगह रहा है। लेकिन सिर्फ पुरानी यादों के कारण वहीं टिके रहना सही नहीं है।
तीसरा भाव: “खजोरी में पुण्य की बसी रयो… आसो तन पर कर घात” 👉 पहले यह गाँव धार्मिक और पवित्र (पुण्य भूमि) था, लेकिन अब वही जगह इंसान के जीवन पर घात (खतरा) बन गई है।
चौथा भाव: “खजोरी में शत्रु बसी रयो… दांव-पेच” 👉 अब गाँव में दुश्मन और चालबाजी करने वाले लोग बस गए हैं। यह संकेत है कि समाज में बुराई, धोखा और खतरा बढ़ गया है।
अंतिम संदेश: संत सिंगाजी अपनी माता से कहते हैं कि 👉 जब जगह का माहौल खराब हो जाए, धर्म और शांति खत्म हो जाए, तो मोह छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहिए।