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अमर आसी करणी सिंगाजी भजन - Lyrics

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics 

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन - Lyrics
अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

सिंगाजी न लियो अवतार
अमर आसी करणी , अमर आसी करणी
जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी
लियो जनम खजुरी धाम
धन्य धन्य आसी धरणी धन्य धन्य आसी धरणी
जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी

अरे माता गऊर का बाला
न लाड़ लड़ाव , न लाड़ लड़ाव
खुश होय भीमाजी न देखी न मन हरशाव
जेकी ध्वजा लहर लहराव
ज्ञान अवतरणी,  ज्ञान अवतरणी
जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी

तू गौधन को रखवालो
न गौवा उबार , न गौवा उबार
गुरू मनरंग को सतज्ञान कर भवपार
तू सुमर सदा हरि नाम
यम को  कोई डर नी , यम को  कोई डर नी
जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी

गुरू आया पिपल्या का माहि
महिमा लगी प्यारी , महिमा लगी प्यारी
यहां शरद पूनम को मेलो लग बड़ो भारी
वहा अखंड जलती ज्योत
समाधि सुमरणी , समाधि सुमरणी
जेख रेवा खिलाव गोद सदा सुख करणी


Amar Aasi Karni Singaji Bhajan – Lyrics 

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन - Lyrics
अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

Singaji na liyo avtaar
Amar aasi karni, amar aasi karni
Jekh Reva khilav god sada sukh karni
Liyo janam Khajuri dham
Dhanya dhanya aasi dharni, dhanya dhanya aasi dharni
Jekh Reva khilav god sada sukh karni

Are mata Gaur ka bala
Na laad ladav, na laad ladav
Khush hoy Bheemaji na dekhi na man harshav
Jeki dhwaja lahar laharav
Gyaan avatarni, gyaan avatarni
Jekh Reva khilav god sada sukh karni

Tu gaudhan ko rakhwalo
Na gauwa ubaar, na gauwa ubaar
Guru Manrang ko satgyaan kar bhavpaar
Tu sumar sada Hari naam
Yam ko koi dar ni, Yam ko koi dar ni
Jekh Reva khilav god sada sukh karni

Guru aaya Pipliya ka maahi
Mahima lagi pyari, mahima lagi pyari
Yahaan Sharad Poonam ko melo lag bado bhaari
Waha akhand jalti jyot
Samadhi sumrani, samadhi sumrani
Jekh Reva khilav god sada sukh karni


अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

अमर आसी करणी सिंगाजी भजन - Lyrics
अमर आसी करणी सिंगाजी भजन – Lyrics

भजन का विस्तृत अर्थ 

🔶 1. “सिंगाजी न लियो अवतार, अमर आसी करणी…”

इस पंक्ति में बताया गया है कि संत सिंगाजी ने मानव रूप में अवतार लिया ताकि वे इस संसार का कल्याण कर सकें।
उनकी “अमर करणी” का मतलब है कि उन्होंने जो अच्छे कर्म किए, वे आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं और हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।

“रेवा खिलाव गोद…” से संकेत मिलता है कि जैसे माँ अपने बच्चे को गोद में रखकर स्नेह देती है, वैसे ही सिंगाजी ने अपने भक्तों को प्रेम, सुरक्षा और सुख दिया।


🔶 2. “लियो जनम खजूरी धाम…”

यहाँ उनके जन्म स्थान (खजूरी धाम) की महिमा बताई गई है।
उनके जन्म से वह भूमि पवित्र और धन्य हो गई।
यह संदेश देता है कि जब कोई महान संत जन्म लेता है, तो वह स्थान भी तीर्थ बन जाता है और लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन जाता है।


🔶 3. “माता गऊर का बाला…”

इस भाग में उनके सरल और विनम्र स्वभाव का वर्णन है।
वे किसी प्रकार के दिखावे या अहंकार से दूर थे।
“न लाड़ लड़ाव” का अर्थ है कि वे भोग-विलास में नहीं पड़े, बल्कि सादा जीवन और उच्च विचार को अपनाया।

“ज्ञान अवतरणी” बताता है कि वे ज्ञान के अवतार थे, जिनके पास सच्चा आध्यात्मिक ज्ञान था।


🔶 4. “तू गौधन को रखवालो…”

यह पंक्ति संत सिंगाजी को गौ माता और सभी जीवों का रक्षक बताती है।
उन्होंने न केवल गायों की रक्षा की, बल्कि समाज में दया, करुणा और सेवा का संदेश फैलाया।

“गुरू मनरंग को सतज्ञान…” का अर्थ है कि उन्होंने अपने गुरु से सच्चा ज्ञान प्राप्त किया और उसी ज्ञान से लोगों को भवसागर (जन्म-मरण के चक्र) से पार होने का मार्ग दिखाया।


🔶 5. “तू सुमर सदा हरि नाम…”

यह भजन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश है।
इसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति हमेशा भगवान का नाम स्मरण करता है, उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता, यहाँ तक कि मृत्यु (यमराज) का भी डर नहीं लगता।

यह हमें सिखाता है कि भक्ति और नाम-स्मरण से मन को शांति और जीवन को निर्भयता मिलती है।


🔶 6. “गुरू आया पिपल्या का माहि…”

यहाँ पिपलिया धाम का उल्लेख है, जहाँ संत सिंगाजी की विशेष महिमा मानी जाती है।
वहाँ हर साल शरद पूर्णिमा पर विशाल मेला लगता है, जिसमें हजारों भक्त श्रद्धा से आते हैं।

“अखंड ज्योत” का अर्थ है कि उनकी समाधि पर हमेशा दीप जलता रहता है, जो उनकी अमरता, दिव्यता और निरंतर उपस्थिति का प्रतीक है।


🌟 भजन का मुख्य संदेश 

  • संतों के अच्छे कर्म हमेशा अमर रहते हैं
  • भक्ति और भगवान का नाम ही जीवन का सच्चा सहारा है
  • गुरु का ज्ञान जीवन को सही दिशा देता है
  • दया, सेवा और सादगी ही सच्चा धर्म है
  • जो भगवान का नाम लेता है, वह हर भय से मुक्त हो जाता है
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