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जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - Lyrics 2026

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

यह भजन भगवान जगन्नाथ जी के प्रति गहरी श्रद्धा, समर्पण और पूर्ण भरोसे को दर्शाता है। इसमें भक्त अपने जीवन की हर जिम्मेदारी प्रभु को सौंप देता है और उनसे रक्षा व मार्गदर्शन की प्रार्थना करता है।

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - Lyrics 2026
जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे
जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन
नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
जगन्नाथ…

तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,
तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,
नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
जगन्नाथ…

जगन्नाथ स्वामी मेरे नैन के तारे,
मेरे सारे काज स्वामी आप ही संवारे,
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
जगन्नाथ…

शरण तेरी पड़ा रहूं दास बनाले,
तेरी ही सेवा करूं जो चाहे कराले,
तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
नीलाचल वारे, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले,
जगन्नाथ…


Jagannath chakka nain Nilachal waare

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - Lyrics 2026
जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026

Jagannath chakka nain Nilachal waare
Jagannath, Jagannath, chakka nain, chakka nain
Nilachal waare, tu na sambhaale to humein kaun sambhaale
Tu na sambhaale to humein kaun sambhaale
Meri ye naiya hai ab to tere hawaale
Tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Jagannath…

Tujhe chhod jaaun main ab kis kis ke dwaare,
Tujhe chhod jaaun main ab kis kis ke dwaare,
Nilachal waare, tu na sambhaale to humein kaun sambhaale
Tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Jagannath…

Jagannath swami mere nain ke taare,
Mere saare kaaj swami aap hi sanwaare,
Tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Nilachal waare, tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Jagannath…

Sharan teri pada rahoon daas bana le,
Teri hi seva karoon jo chahe kara le,
Tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Nilachal waare, tu na sambhaale to humein kaun sambhaale,
Jagannath…


व्याख्या :

1. “जगन्नाथ चक्का नैन नीलाचल वारे…”
यहाँ भगवान जगन्नाथ जी का वर्णन किया गया है, जिनकी बड़ी-बड़ी आँखें (चक्का नैन) हैं और जो नीलाचल (पुरी धाम) में विराजमान हैं। भक्त उन्हें याद करते हुए कहता है कि हे प्रभु, अगर आप ही हमें नहीं संभालेंगे, तो हमारा सहारा कौन बनेगा।

2. “मेरी ये नैया है अब तो तेरे हवाले…”
भक्त अपने जीवन को एक नाव के समान मानता है और कहता है कि अब यह जीवन-नैया पूरी तरह आपके हवाले है। जीवन के उतार-चढ़ाव, कठिनाइयाँ—सब कुछ प्रभु के भरोसे छोड़ दिया है।

3. “तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे…”
यहाँ भक्त की असहायता और अटूट विश्वास दिखता है। वह कहता है कि प्रभु, आपको छोड़कर मैं किसके पास जाऊँ? दुनिया में कोई और ऐसा नहीं है जो मेरी सच्ची मदद कर सके।

4. “जगन्नाथ स्वामी मेरे नैन के तारे…”
भक्त भगवान को अपने नेत्रों का तारा यानी सबसे प्रिय बताता है। वह मानता है कि उसके सभी काम और समस्याएँ भगवान ही सँवारते हैं।

5. “शरण तेरी पड़ा रहूं दास बनाले…”
इस पंक्ति में पूर्ण समर्पण है। भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि मुझे अपनी शरण में रखो, मुझे अपना सेवक बना लो, और मुझसे वही कराओ जो आपकी इच्छा हो।


सार :

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - Lyrics 2026
जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे – Lyrics 2026


यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन में जब भी कठिनाइयाँ आएँ, तो भगवान पर पूरा विश्वास रखें। अहंकार छोड़कर उनके चरणों में समर्पित हो जाएँ, क्योंकि वही हमारे सच्चे मार्गदर्शक और रक्षक हैं। 🙏

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