निमाड़ी कलाकार

मायरो तम लावजो - Nani Bai ko mayaro lyrics 2026

मायरो तम लावजो – Nani Bai ko mayaro lyrics 2026

मायरो तम लावजो – Nani Bai ko mayaro lyrics 2026

मायरो तम लावजो - Nani Bai ko mayaro lyrics 2026
मायरो तम लावजो – Nani Bai ko mayaro lyrics 2026

🔰 गीत का परिचय

“नानी बाई को मायरो” एक अत्यंत लोकप्रिय और भावनाओं से भरा हुआ निमाड़ी लोकभक्ति गीत है।
इस गीत को उद्धव भाई यादव ने बड़ी श्रद्धा और लोक-संवेदना के साथ लिखा है, जबकि इसे अपनी ओजपूर्ण और भावपूर्ण आवाज़ में गायक गितेश कुमार भार्गव ने गाया है।

यह गीत निमाड़ी कलाकार YouTube चैनल पर रिलीज़ किया गया है और इसमें भक्त नरसिंह मेहता जी, उनकी पुत्री नानी बाई, और भगवान श्रीकृष्ण (गिरधर गोपाल) की अलौकिक कृपा का सुंदर वर्णन मिलता है।
यह गीत केवल लोककथा नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और ईश्वर की लाज रखने वाली लीला का जीवंत चित्रण है।


मायरो तम लावजो

मायरो तम लावजो - Nani Bai ko mayaro lyrics 2026
मायरो तम लावजो – Nani Bai ko mayaro lyrics 2026

मायरो तम लावजो , पिताजी म्हारा मायरो तम लावजो

बामण दाजी हाथ चिट्ठी भेजेल छे , छप्पन करोड़ को मायरो लिखल छे
म्हारा घर तम आवजो पिताजी म्हारा , मायरो तम लावजो

आवो ग तम मक आस बंधेल छे , मांन सम्मान सब दांव लगेल छे
म्हारो मान बडावजो पिताजी म्हारा , मायरो तम लावजो

चिट्ठी पढ़ी न आँख भर आयी , गिरधर गोपाल क अर्जी लगायी
गोविन्द रसतो बतावजो पिताजी म्हारा , मायरो तम लावजो

मायरो लिख्यो घणो सुणो गिरधारी , भक्त नरसिंह पर विपदा छे भारी
म्हारी लाज बचावजो पिताजी म्हारा , मायरो तम लावजो

नरसिंह जी नानी बाई को मायरो लाया , उनका सांगत म सांवलिया आया
गीत उद्धव गुण गावजो पिताजी म्हारा , मायरो तम लावजो


Mayaro Tam Laavjo

Mayaro Tam Laavjo
Mayaro Tam Laavjo

Mayaro tam laavjo,
Pitaji mhara mayaro tam laavjo.

Baaman daaji haath chitti bhejel chhe,
Chhappan crore ko mayaro likhal chhe,
Mhara ghar tam aavjo pitaji mhara,
Mayaro tam laavjo.

Aavo g tam mak aas bandhel chhe,
Maan samman sab daav lagel chhe,
Mharo maan badhaavjo pitaji mhara,
Mayaro tam laavjo.

Chitti padhi ne aankh bhar aayi,
Girdhar Gopal ka arji lagaayi,
Govind rasto bataavjo pitaji mhara,
Mayaro tam laavjo.

Mayaro likhyo ghano suno Girdhari,
Bhakt Narsinh par vipda chhe bhaari,
Mharo laaj bachaavjo pitaji mhara,
Mayaro tam laavjo.

Narsinh ji Naani Bai ko mayaro laaya,
Unka sangat mein Sanwariya aaya,
Geet Uddhav gun gaavjo pitaji mhara,
Mayaro tam laavjo.


📖मायरो तम लावजो – गीत का विस्तृत भावार्थ

मायरो तम लावजो - Nani Bai ko mayaro lyrics 2026
मायरो तम लावजो – Nani Bai ko mayaro lyrics 2026
🌸 1. “मायरो तम लावजो, पिताजी म्हारा…”

गीत की शुरुआत नानी बाई की करुण पुकार से होती है।
वह अपने पिता भक्त नरसिंह (नरसिंह मेहता जी) से विनती करती है कि वे उसके मायरे (भात/नेग) में अवश्य आएँ।

यहाँ मायरो केवल एक सामाजिक रस्म नहीं,
बल्कि बेटी का अपने पिता पर अटूट विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।


✉️ 2. “बामण दाजी हाथ चिट्ठी भेजेल छे…”

इस अंतरे में बताया गया है कि नानी बाई के ससुराल से
ब्राह्मण के हाथ चिट्ठी भेजी जाती है,
जिसमें छप्पन करोड़ का मायरो लिखा हुआ है।

यह अतिशयोक्ति उस सामाजिक दबाव को दर्शाती है,
जहाँ प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को धन से जोड़ा जाता है।


🤲 3. “आवो ग तम मक आस बंधेल छे…”

नानी बाई कहती है कि—

  • उसने अपने पिता से बड़ी आशा बाँध रखी है

  • उसका मान-सम्मान दाँव पर लगा है

यह बेटी की मासूम भावना को दर्शाता है,
जहाँ पिता ही उसका सबसे बड़ा सहारा हैं।


😢 4. “चिट्ठी पढ़ी न आँख भर आयी…”

जब नरसिंह मेहता जी चिट्ठी पढ़ते हैं,
तो उनकी आँखें भर आती हैं।

वे सांसारिक रूप से निर्धन हैं,
इसलिए वे सीधे गिरधर गोपाल (श्रीकृष्ण) से प्रार्थना करते हैं।

यह प्रसंग बताता है कि
सच्चा भक्त अपनी असमर्थता में भी ईश्वर पर पूर्ण भरोसा रखता है।


🕉️ 5. “मायरो लिख्यो घणो सुणो गिरधारी…”

नरसिंह जी कहते हैं कि मायरा बहुत बड़ा लिखा गया है,
और वे स्वयं असहाय हैं।

उन पर विपत्ति भारी है,
लेकिन उन्हें विश्वास है कि भगवान उनकी लाज ज़रूर बचाएँगे

यह पंक्तियाँ भक्ति की चरम अवस्था को दर्शाती हैं।


🌼 6. “नरसिंह जी नानी बाई को मायरो लाया…”

यह गीत का सबसे भावुक और चमत्कारी प्रसंग है।

  • नरसिंह जी नानी बाई के मायरे में जाते हैं

  • उनके साथ सांवलिया सेठ (श्रीकृष्ण) स्वयं आते हैं

  • अपार धन, वैभव और सम्मान प्राप्त होता है

यह दर्शाता है कि
जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहाँ भगवान स्वयं सहायक बनकर आते हैं।


🌿 गीत का भाव और सांस्कृतिक महत्व
  • यह गीत निमाड़ की लोकभक्ति परंपरा का अनमोल रत्न है

  • बेटी–पिता का प्रेम, समाज की मर्यादा और ईश्वर की कृपा—तीनों का सुंदर संगम

  • यह गीत सिखाता है कि
    👉 भक्त की लाज रखने के लिए भगवान स्वयं लीला रचते हैं

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