मुझे ला दो भजन वाली वही माला – Lyrics 2026

मुझे ला दो भजन वाली वही माला
Mujhe la do bhajan wali wahi mala

Mujhe la do bhajan wali wahi mala,
Ja ke ratne se mil jaye Nandlala ॥
Jo mala maa Yashoda ne feri,
Jo mala maa Yashoda ne feri,
Dekho leela dikha gaye Nandlala ।
Mohe la do bhajan wali wahi mala,
Ja ke ratne se mil jaye Nandlala ॥
Jo mala Maiya Gaura ne feri,
Jo mala Maiya Gaura ne feri,
Unhe mil gaye vo damru wala ।
Mohe la do bhajan wali wahi mala,
Ja ke ratne se mil jaye Nandlala ॥
Jo mala Draupadi ne feri,
Jo mala Draupadi ne feri,
Dekho cheer badha gaye Gopala ।
Mohe la do bhajan wali wahi mala,
Ja ke ratne se mil jaye Nandlala ॥
Jo mala Mata Shabari ne feri,
Jo mala Mata Shabari ne feri,
Jhoothe bero ko kha gaye Ram lala ।
Mohe la do bhajan wali wahi mala,
Ja ke ratne se mil jaye Nandlala ॥
भजन का मुख्य भाव
“मुझे ला दो भजन वाली वही माला” –
यहाँ भक्त भगवान से या किसी संत से प्रार्थना कर रहा है कि उसे ऐसी माला (जपमाला) मिल जाए, जिससे भगवान का नाम जपने पर उसे भी भगवान के दर्शन और कृपा प्राप्त हो सके।
👉 माला यहाँ केवल मनके की माला नहीं है, बल्कि
भक्ति, विश्वास और निरंतर नाम-स्मरण का प्रतीक है।
अंतरा 1 – माँ यशोदा
“जो माला माँ यशोदा ने फेरी…”
👉 माँ यशोदा ने कृष्ण का नाम प्रेम से लिया, उनकी सेवा की, इसलिए उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का सान्निध्य मिला।
भाव:
सच्चे प्रेम और भक्ति से भगवान स्वयं प्रकट होते हैं।
अंतरा 2 – मैया गौरा (पार्वती)
“जो माला मैया गौरा ने फेरी…”
👉 माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप और नाम-जप किया।
भाव:
अटल साधना और भक्ति से भगवान शिव (डमरू वाले) की कृपा मिलती है।
अंतरा 3 – द्रौपदी
“जो माला द्रौपदी ने फेरी…”
👉 द्रौपदी ने संकट के समय पूरे विश्वास से कृष्ण को पुकारा, और उन्होंने उसकी लाज बचाई (चीर बढ़ाया)।
भाव:
संकट में सच्चे मन से भगवान को पुकारने पर वे तुरंत सहायता करते हैं।
अंतरा 4 – माता शबरी
“जो माला माता शबरी ने फेरी…”
👉 शबरी ने भगवान राम के लिए प्रेम से बेर संजोए, और भगवान राम ने उनका प्रेम स्वीकार किया।
भाव:
भगवान को बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि सच्चा प्रेम और भक्ति प्रिय है।
समापन भाव
👉 यह भजन सिखाता है कि:
- भगवान का नाम जपना सबसे सरल साधना है
- सच्ची श्रद्धा और विश्वास से भगवान मिलते हैं
- चाहे यशोदा हो, पार्वती, द्रौपदी या शबरी –
हर किसी को भक्ति से ही भगवान की कृपा मिली
सार
“वही माला” का मतलब है –
👉 ऐसी भक्ति, ऐसा विश्वास और ऐसा नाम-स्मरण
जिससे भगवान स्वयं भक्त के जीवन में प्रकट हो जाएँ।


