श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा – Gitesh Kumar Bhargava | गोविंद भाई पाटीदार | Bhajan Lyrics
गायक: गीतेश कुमार भार्गव
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श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा – गोविंद भाई पाटीदार | Nimadi Ganesh Bhajan Lyrics & Meaning
गोविंद भाई पाटीदार द्वारा रचित यह निमाड़ी गणेश जी का भजन भादव महीने में गणेश उत्सव की पारंपरिक भावना, श्रद्धा और उत्साह का सुंदर चित्रण करता है। यहाँ गीत के पूरे शब्द, अर्थ और विस्तृत व्याख्या पढ़ें।
🎵 Lyrics: श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा – Nimadi Ganesh Bhajan
भादव महिना म घर गणपतिजी लावा ,
भादव महिना म घर गणपतिजी लावा
श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा
माता गौरा न तुमक बणायो
शिव भोला को बाल कवायो
सब मीली न भारी झांकी सजावा
श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा..
रिद्धि सिद्धि का दाता गजानन
बुद्धि को बल क र मन क पावन
मौदक को भोग बाबा तुमक लगावा
श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा..
मुस प बथी न घर अंगणा म आया
गाव गली म आनंद छाया
गोविन्द लिख गीत सब क सुनावा
श्रद्धा भक्ति सी सब गणपति मनावा..
🎵 Lyrics
Bhadav mahina ma ghar Ganpatiji laava,
Shraddha bhakti si sab Ganpati manaava
Bhadav mahina ma ghar Ganpatiji laava,
Shraddha bhakti si sab Ganpati manaava
Maata Gaura na tumak banaayo,
Shiv Bhola ko baal kavaayo
Sab mili ne bhaari jhaanki sajaava,
Shraddha bhakti si sab Ganpati manaava
Riddhi Siddhi ka daata Gajanan,
Buddhi ko bal kar man ko paavan
Modak ko bhog Baba tumak lagaava,
Shraddha bhakti si sab Ganpati manaava
Moos pe baithe ne ghar angna ma aaya,
Gaav gali ma aanand chhaaya
Govind likhe geet sab ne sunaava,
Shraddha bhakti si sab Ganpati manaava
🌟 गीत का अर्थ (Meaning in Hindi)
1️⃣ “भादव महिना म घर गणपतिजी लावा…”
भादो का महीना आते ही निमाड़ में हर घर-आंगन में गणेश जी की स्थापना होती है।
गीत का पहला भाग बताता है कि लोग पूर्ण श्रद्धा और भक्ति से गणपति उत्सव मनाते हैं।
2️⃣ “माता गौरा न तुमक बणायो… शिव भोला को बाल कवायो”
यह पंक्तियाँ गणेश जी के जन्म का सुंदर वर्णन करती हैं:
माता गौरा (पार्वती) ने गणेश जी को बनाया
भगवान शिव ने उन्हें पुत्र रूप में अपनाया
भक्त झांकी और सजावट कर गणपति बप्पा का स्वागत करते हैं
3️⃣ “रिद्धि सिद्धि का दाता गजानन…”
गणेश जी को बुद्धि, रिद्धि और सिद्धि का दाता कहा गया है।
गीत में बताया गया है कि भक्त उन्हें मोडक का प्रसाद चढ़ाते हैं और शुभ शुरुआत के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
4️⃣ “मुस प बथी न घर अंगणा म आया…”
यहाँ गजानन के वाहन ‘मूषक’ का वर्णन है।
भक्त कहते हैं कि—
जब मूषक पर बैठकर गणेश जी आंगन में आते हैं,
तो पूरा मोहल्ला, गाँव, गली आनंद से भर जाता है।
5️⃣ “गोविंद लिख गीत सब क सुनावा…”
गीतकार गोविंद भाई पाटीदार बताते हैं कि
वे यह भक्ति-गीत लोगों को सुनाकर गणेश उत्सव की खुशी में अपनी भागीदारी निभाते हैं।
📚 गीत का सार
यह निमाड़ी भजन गणेश उत्सव की रंगीन पारंपरिक झांकी, भक्ति, उत्साह, मौदक-भोग, घर-आंगन की सजावट और सामाजिक समरसता का सुंदर चित्रण करता है।
गीतकार ने सरल भाषा में आस्था + लोकसंस्कृति + उत्सव भावना को एकसाथ पिरोया है।



