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मान नदी : मालवा से नर्मदा तक 44 KM बहती जीवनदायिनी धारा

मान नदी : मालवा से नर्मदा तक 44 KM बहती जीवनदायिनी धारा

मान नदी – धार, मध्य प्रदेश : मालवा से नर्मदा तक बहती जीवनदायिनी धारा

मान नदी - धार

मध्य प्रदेश का धार जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है। इसी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण नदी है मान नदी, जो नर्मदा नदी की एक प्रमुख सहायक नदी के रूप में जानी जाती है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  मान नदी न केवल कृषि और सिंचाई के लिए उपयोगी है, बल्कि यह धार जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के जीवन में भी अहम भूमिका निभाती है।


मान नदी का उद्गम

मान नदी का उद्गम
उद्गम

मान नदी का उद्गम धार जिले के मालवा पठार पर स्थित लुन्हेरा गांव के पास बने एक प्राचीन तालाब ‘मान सरोवर’ से होता है। यह क्षेत्र वर्षा जल पर आधारित प्राकृतिक जलस्रोतों के लिए जाना जाता है। मान सरोवर से निकलकर यह नदी धीरे-धीरे एक सशक्त जलधारा का रूप ले लेती है।


प्रवाह मार्ग और नर्मदा संगम

उद्गम के बाद मान नदी विंध्याचल पर्वतमाला की पहाड़ियों से होकर बहती है। पहाड़ी क्षेत्रों को पार करने के पश्चात यह नदी निमाड़ के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है।

  • कुल लंबाई: लगभग 44 किलोमीटर

  • प्रवाह क्षेत्र: धार जिले के मनावर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्र

  • संगम: अंततः यह नदी कोठरा गांव के पास मां नर्मदा में मिल जाती है

इस संगम के कारण मान नदी को धार्मिक और भौगोलिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है।


मान परियोजना

मान परियोजना
मान परियोजना

मान नदी पर धार जिले के जीराबाद के समीप मान बांध का निर्माण किया गया है, जिसे मान परियोजना के नाम से जाना जाता है। यह परियोजना जिले की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं में से एक है।

  • यह बांध आदिवासी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

  • इसके माध्यम से लगभग 17,770 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा प्राप्त होती है।

  • इस परियोजना ने क्षेत्र की कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


क्षेत्रीय महत्व और उपयोगिता

क्षेत्रीय महत्व और उपयोगिता
क्षेत्रीय महत्व और उपयोगिता

मान नदी मुख्य रूप से धार जिले के मनावर क्षेत्र और आसपास के गांवों के लिए जल का प्रमुख स्रोत है। यह नदी:

  • कृषि सिंचाई में सहायक है

  • भूजल स्तर को संतुलित रखने में योगदान देती है

  • ग्रामीण जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है

मान नदी का अस्तित्व यहां के किसानों और ग्रामीण समुदाय के लिए जीवनरेखा के समान है।


OUR OPINION- Gitesh kumar Bhargava 

मान नदी भले ही लंबाई में बड़ी न हो, लेकिन इसका महत्व अत्यंत व्यापक है। मालवा पठार से निकलकर नर्मदा में समाहित होने वाली यह नदी धार जिले की कृषि, जल संसाधन और प्राकृतिक संतुलन का एक मजबूत आधार है। मान परियोजना के माध्यम से इस नदी ने हजारों किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। भविष्य में इसके संरक्षण और सतत उपयोग से यह क्षेत्र और अधिक समृद्ध बन सकता है।

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