TOP 11 SANT SINGAJI BHAJAN | सिंगाजी के 11 लोकप्रिय भजन 2026

परिचय-
संत शिरोमणि सिंगाजी महाराज निमाड़ की लोक-आस्था, भक्ति और आत्मिक चेतना के केंद्र हैं। उनके भजन केवल गीत नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, गुरु-भक्ति और आत्मा की अमरता का संदेश हैं। सिंगाजी के निमाड़ी भजनों में लोक-संस्कृति की मिठास, भक्ति की गहराई और जन-जन की श्रद्धा समाहित है। यहाँ प्रस्तुत “TOP 11 SANT SINGAJI BHAJAN” की यह सूची सिंगाजी महाराज के उन लोकप्रिय और भाव-विभोर कर देने वाले भजनों का चयन है, जिन्हें भक्तजन वर्षों से गुनगुनाते आ रहे हैं।
TOP 11 SANT SINGAJI BHAJAN | सिंगाजी के 11 लोकप्रिय भजन 2026
इन भजनों में गुरु की महिमा, आत्मज्ञान, वैराग्य और लोकजीवन की सच्ची झलक मिलती है। यह सूची गीतेश कुमार भार्गव द्वारा अपनी व्यक्तिगत पसंद और भावनात्मक जुड़ाव के आधार पर तैयार की गई है, ताकि सिंगाजी महाराज की भक्ति-धारा नई पीढ़ी तक सहज रूप से पहुँच सके।
01 ) करा हाथ जोड़ी अरदास | Most Popular Singaji Maharaj Bhajan

02 ) झील मिल ज्योत झलक रया मोती पारिब्रमह निरंजन आरती | गायक – रमेश जी महाराज

03 ) संत सिंगाजी निमाड़ी भजन || अश्विन यदुवंशी|| शुभ वाणी स्टूडियो

04 ) शरद पूनम का चंदा सिंगाजी म्हारा || निमाड़ी भजन || गायक- उमेश भाई प्रजापत

05 ) संत सिंगाजी म्हारा घर आया || निमाड़ी सिंगाजी भजन

06 ) बिना बईल गेरी गाड़ी गुरु | रमेश महाराज | सिंगाजी भजन | निमाड़ी भजन

07 ) सिंगाजी समाधी म जिन्दा समाई गया रे || निमाड़ी गायक मोतीलाल पाटिल

8 ) संत सिंगाजी निमाड़ी भजन | सिंगाजी न लियो अवतार | गायक अश्विन जी यदुवंशी

9 ) सिंगाजी भजन। म्हारा हंसा निकल गयो रे काया से खाली पड़ी रहेगी तस्वीर

10 ) सिंगाजी थारी ज्योत जले || निमाडी सिंगाजी भजन

11 ) गुरु प्रार्थना | तुम रखवाला हुजो गुरूजी म्हारा | गायक अश्विन यदुवंशी

TOP 11 SANT SINGAJI BHAJAN | सिंगाजी के 11 लोकप्रिय भजन 2026
-निमाड़ी कलाकार-
सिंगाजी महाराज के चरणों में यह भक्ति-सूची समर्पित है।
यदि इन भजनों ने आपके मन को छुआ हो, श्रद्धा जगाई हो या आत्मिक शांति दी हो, तो हमारा प्रयास सार्थक है।
गीतेश कुमार भार्गव द्वारा अपनी श्रद्धा और रुचि के अनुसार बनाई गई यह सूची केवल एक चयन नहीं, बल्कि भक्ति का विनम्र प्रयास है।
आप सभी श्रोताओं, भक्तों और लोक-संस्कृति प्रेमियों का हृदय से धन्यवाद 🙏
सिंगाजी महाराज की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।



