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बिनती सुनिए नाथ हमारी – Hindi Bhajan lyrics 1988

बिनती सुनिए नाथ हमारी – Hindi Bhajan lyrics 1988

बिनती सुनिए नाथ हमारी - Hindi Bhajan lyrics 1988
बिनती सुनिए नाथ हमारी – Hindi Bhajan lyrics 1988
  • गीत: बिनती सुनिए नाथ हमारी (मोर मुकुट पीताम्बरधारी)
  • गीतकार: पंडित नरेंद्र शर्मा
  • गायिका: साधना सरगम
  • संगीत: राजकमल
  • धारावाहिक: महाभारत (BR Chopra)

बिनती सुनिए नाथ हमारी - Hindi Bhajan lyrics 1988
बिनती सुनिए नाथ हमारी – Hindi Bhajan lyrics 1988

बिनती सुनिए नाथ हमारी,

बिनती सुनिए नाथ हमारी

हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,

मोर मुकुट पीतांबर धारी,

बिनती सुनिए नाथ हमारी ॥

जनम जनम की लगी लगन है, साक्षी तारो भरा गगन है,

गिन गिन स्वाश आस कहती है,

आएँगे श्री कृष्ण मुरारी, ॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी…॥

सतत प्रतीक्षा अपलक लोचन, हे भव बाधा बिपति बिमोचन,

स्वागत का अधिकार दीजिए,

शरणागत है नयन पुजारी, ॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी…॥

और कहूं क्या अंतर्यामी, तन मन धन प्राणो के स्वामी,

करुणाकर आकर के कहिए,

स्वीकारी विनती स्वीकारी, ॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी…॥

बिनती सुनिए नाथ हमारी,

बिनती सुनिए नाथ हमारी,

हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी, हृदयष्वर हरी हृदय बिहारी,

मोर मुकुट पीतांबर धारी,

बिनती सुनिए नाथ हमारी ॥


बिनती सुनिए नाथ हमारी - Hindi Bhajan lyrics 1988
बिनती सुनिए नाथ हमारी – Hindi Bhajan lyrics 1988

Binati Suniye Nath Hamari,
Binati Suniye Nath Hamari

Hridayeshwar Hari Hriday Bihari, Hridayeshwar Hari Hriday Bihari,

Mor Mukut Pitambar Dhari,

Binati Suniye Nath Hamari ॥

Janam Janam Ki Lagi Lagan Hai, Saakshi Taaro Bhara Gagan Hai,

Gin Gin Swash Aas Kehti Hai,

Aayenge Shri Krishna Murari ॥

Binati Suniye Nath Hamari…॥

Satat Pratiksha Apalak Lochan, He Bhav Badha Vipati Vimochan,

Swagat Ka Adhikar Dijiye,

Sharanagat Hai Nayan Pujari ॥

Binati Suniye Nath Hamari…॥

Aur Kahun Kya Antaryami, Tan Man Dhan Prano Ke Swami,

Karunakar Aakar Ke Kahiye,

Sweekari Vinati Sweekari ॥

Binati Suniye Nath Hamari…॥

Binati Suniye Nath Hamari,
Binati Suniye Nath Hamari,

Hridayeshwar Hari Hriday Bihari, Hridayeshwar Hari Hriday Bihari,

Mor Mukut Pitambar Dhari,

Binati Suniye Nath Hamari ॥


“बिनती सुनिए नाथ हमारी” – भावार्थ 

यह भक्तिमय रचना भगवान Shri Krishna को समर्पित एक विनयपूर्ण प्रार्थना है। पूरे भजन में भक्त का हृदय अपने आराध्य के चरणों में पूर्ण समर्पण के साथ झुका हुआ दिखाई देता है। “बिनती सुनिए नाथ हमारी” पंक्ति बार-बार दोहराई गई है, जो भक्त की व्याकुल पुकार और उसकी अटूट आस्था को दर्शाती है।

भजन की शुरुआत में भगवान को “हृदयेश्वर” और “हृदय बिहारी” कहा गया है। इसका अर्थ है कि भगवान केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि भक्त के हृदय में निवास करते हैं। “मोर मुकुट पीतांबर धारी” शब्द भगवान श्रीकृष्ण के सौंदर्य और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हैं—सिर पर मोर मुकुट और शरीर पर पीतांबर, जो उनके लीलामय और आकर्षक रूप का प्रतीक है।

दूसरे अंतरे में “जनम जनम की लगी लगन है” पंक्ति बताती है कि यह प्रेम केवल एक जन्म का नहीं, बल्कि अनेक जन्मों से चला आ रहा है। “साक्षी तारों भरा गगन है” यह दर्शाता है कि स्वयं प्रकृति भी इस प्रेम और प्रतीक्षा की साक्षी है। “गिन गिन स्वास आस कहती है, आएँगे श्री कृष्ण मुरारी” — यहाँ हर श्वास में प्रभु के आने की आशा बसी हुई है। यह गहन भक्ति और प्रतीक्षा की पराकाष्ठा है।

तीसरे अंतरे में भक्त अपनी आँखों को “अपलक लोचन” कहता है, जो निरंतर प्रभु के दर्शन की प्रतीक्षा कर रही हैं। भगवान को “भव बाधा विपत्ति विमोचन” कहा गया है, अर्थात वे संसार के दुखों और संकटों को दूर करने वाले हैं। “शरणागत है नयन पुजारी” पंक्ति में भक्त स्वयं को पूर्णतः प्रभु की शरण में समर्पित करता है।

चौथे अंतरे में भक्त भगवान को “अंतर्यामी” कहकर संबोधित करता है—जो सबके मन की बात जानते हैं। “तन मन धन प्राणों के स्वामी” कहकर वह स्वीकार करता है कि उसका सर्वस्व प्रभु का ही है। अंत में “करुणाकर आकर के कहिए, स्वीकारी विनती स्वीकारी” में वह भगवान से दया की याचना करता है कि वे उसकी प्रार्थना स्वीकार करें।

इस भजन का मुख्य संदेश है पूर्ण समर्पण, धैर्य और अटूट विश्वास। यह केवल मांगने की प्रार्थना नहीं, बल्कि प्रेम, प्रतीक्षा और आत्मसमर्पण की अभिव्यक्ति है। भक्त भगवान से कोई भौतिक वस्तु नहीं मांगता, बल्कि उनके दर्शन और स्वीकार्यता की कामना करता है।

संपूर्ण रचना में भक्ति का माधुर्य भाव स्पष्ट झलकता है, जो वैष्णव परंपरा की विशेषता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति धैर्य, प्रेम और समर्पण से परिपूर्ण होती है, और जब हृदय सच्चा होता है, तो भगवान अवश्य कृपा करते हैं।

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