आज म्हारे आंगणिये दशा माँ पधारियां – Lyrics 2026

तर्ज – मालिया माँ ना आशीर्वाद …
हो…माँ..हो….मेरी माँ.. दशा माँ….
है..आज म्हारे आंगणिये दशा माँ पधारियां
दशा माँ पधारियां , म्हारा भाग्य है सँवारियां
है… मीनावाड़ा वाली , म्हारा कारज संवारिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा….
दशा माता दशा उनकी सुधारे
व्रत पूजन कर माँ को जो पुकारे
है..जिस घर मे आये मैया ,भरे सुखों से झोलिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा….
राजा नल को माँ ने पर्चा दिखाया
गलती पे अपनी वो बड़ा पछताया
है…नल दमयंती की , ये सच्ची कहानियां
है..आज म्हारे आंगणिये दशा….
दशा माता व्रत की महिमा महान है,
ग्रन्थ भी जिसका करते बखान है
है…पतिव्रता नारी व्रत , दस दिन का धारिया
है..आज म्हारे आंगणिये दशा….
दुखो का नाश कर सुख बरसाना
दिलबर की है माँ बस यही भावना
है… नागेश की मैया , तू ही करती रखवालीयां
है..आज म्हारे आंगणिये दशा….
Aaj mhare aanganiye Dasha Maa padhariya – Lyrics 2026

Tarj – Maliya Maa na Aashirvaad…
Ho… Maa… Ho… Meri Maa… Dasha Maa…
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha Maa padhariya
Dasha Maa padhariya, mhara bhagya hai sanwariya
Hai… Meenawada wali, mhara kaaraj sanwariya
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha…
Dasha Mata dasha unki sudhaare
Vrat poojan kar Maa ko jo pukaare
Hai… jis ghar me aaye Maiya, bhare sukhon se jholiya
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha…
Raja Nal ko Maa ne parcha dikhaya
Galti pe apni vo bada pachhtaya
Hai… Nal Damayanti ki, ye sacchi kahaniyan
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha…
Dasha Mata vrat ki mahima mahaan hai
Granth bhi jiska karte bakhaan hai
Hai… pativrata naari vrat, das din ka dhaariya
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha…
Dukho ka naash kar sukh barsana
Dilbar ki hai Maa bas yahi bhaavna
Hai… Nagesh ki Maiya, tu hi karti rakhwaliya
Hai… aaj mhare aanganiye Dasha…
भजन का भावार्थ – “आज म्हारे आंगणिये दशा माँ पधारियां”

यह भजन दशा माता की महिमा, कृपा और उनके व्रत की शक्ति को दर्शाता है। इस गीत में भक्त माँ से प्रार्थना करता है कि वे उसके घर आकर उसके जीवन की दशा सुधारें और सुख-समृद्धि प्रदान करें। राजस्थान, निमाड़ और मालवा क्षेत्र में दशा माता का व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा परिवार की सुख-समृद्धि और संकट दूर करने के लिए किया जाता है।
1️⃣ “हो… माँ.. हो… मेरी माँ.. दशा माँ…
आज म्हारे आंगणिये दशा माँ पधारियां”
अर्थ :
भक्त बड़े प्रेम और भक्ति से माँ को पुकारता है और कहता है कि आज उसके आंगन में दशा माता का आगमन हुआ है। यह माँ के आशीर्वाद और सौभाग्य का प्रतीक है।
भाव :
जब देवी किसी घर में आती हैं तो माना जाता है कि वहाँ सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
2️⃣ “दशा माँ पधारियां, म्हारा भाग्य है सँवारियां
मीनावाड़ा वाली, म्हारा कारज संवारिया”
अर्थ :
भक्त कहता है कि माँ के आने से उसका भाग्य सुधर गया है। माँ सभी कार्यों को सफल बनाने वाली हैं।
भाव :
दशा माता को भाग्य बदलने वाली देवी माना जाता है, जो भक्तों के जीवन की कठिनाइयों को दूर करती हैं।
3️⃣ “दशा माता दशा उनकी सुधारे
व्रत पूजन कर माँ को जो पुकारे”
अर्थ :
जो भी व्यक्ति सच्चे मन से दशा माता का व्रत और पूजा करता है, माँ उसकी जीवन की खराब दशा को सुधार देती हैं।
भाव :
यह पंक्ति बताती है कि श्रद्धा, व्रत और भक्ति से देवी प्रसन्न होकर भक्त की समस्याएँ दूर करती हैं।
4️⃣ “जिस घर मे आये मैया, भरे सुखों से झोलिया”

अर्थ :
जिस घर में माँ का आगमन होता है, वहाँ खुशियाँ और समृद्धि भर जाती है।
भाव :
यह देवी की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है।
5️⃣ “राजा नल को माँ ने पर्चा दिखाया
गलती पे अपनी वो बड़ा पछताया”
अर्थ :
इस पंक्ति में राजा नल और दमयंती की कथा का उल्लेख है। कहा जाता है कि जब राजा नल ने दशा माता का अपमान किया तो उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाद में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने माँ से क्षमा माँगी।
भाव :
यह पंक्ति हमें सिखाती है कि देवी-देवताओं का अपमान नहीं करना चाहिए।
6️⃣ “नल दमयंती की ये सच्ची कहानियां”
अर्थ :
यह पंक्ति उस प्रसिद्ध धार्मिक कथा की ओर संकेत करती है जो दशा माता के व्रत से जुड़ी है।
भाव :
यह कथा लोगों को भक्ति, धैर्य और विश्वास का महत्व समझाती है।
7️⃣ “दशा माता व्रत की महिमा महान है
ग्रन्थ भी जिसका करते बखान है”
अर्थ :
दशा माता के व्रत की महिमा इतनी महान है कि इसका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है।
भाव :
यह पंक्ति व्रत के धार्मिक महत्व को दर्शाती है।
8️⃣ “पतिव्रता नारी व्रत दस दिन का धारिया”
अर्थ :
दशा माता का व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाएँ दस दिनों तक करती हैं।
भाव :
इस व्रत का उद्देश्य पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा करना होता है।
9️⃣ “दुखो का नाश कर सुख बरसाना”
अर्थ :
माँ से प्रार्थना की जाती है कि वे सभी दुखों को दूर कर जीवन में खुशियाँ भर दें।
भाव :
यह देवी की करुणा और कृपा को दर्शाता है।
🔟 “नागेश की मैया, तू ही करती रखवालियां”
अर्थ :
भक्त माँ को अपनी रक्षक मानता है और विश्वास करता है कि माँ हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।
भाव :
यह पंक्ति पूर्ण समर्पण और विश्वास का प्रतीक है।
भजन का मुख्य संदेश
इस भजन का मूल संदेश यह है कि:
दशा माता की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
व्रत और श्रद्धा से भाग्य बदल सकता है।
देवी-देवताओं का सम्मान करना चाहिए।
भक्ति, विश्वास और धैर्य से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।



